Hindi News

उप मुख्यमंत्री अरुण साव का पूर्व सीएम पर तीखा हमला, लगाए गंभीर आरोप, बोले- भूपेश बघेल कभी नहीं चाहते थे कि छत्तीसगढ़ से खत्म हो नक्सलवाद

Written by:Gaurav Sharma
Published:
छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर सीधा हमला बोला है। साव ने आरोप लगाया कि बघेल कभी नहीं चाहते थे कि राज्य से नक्सलवाद खत्म हो और उन्होंने अपनी सरकार में सुरक्षाबलों के हाथ बांध दिए थे। यह बयान बस्तर से सुरक्षाबलों की वापसी को लेकर चल रही राजनीतिक बयानबाजी के बीच आया है।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव का पूर्व सीएम पर तीखा हमला, लगाए गंभीर आरोप, बोले- भूपेश बघेल कभी नहीं चाहते थे कि छत्तीसगढ़ से खत्म हो नक्सलवाद

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद और सुरक्षाबलों की तैनाती पर राजनीतिक घमासान तेज़ हो गया है। बस्तर से सुरक्षाबलों की वापसी को लेकर उठ रहे सवालों के बीच उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर तीखा हमला बोला है। साव ने सीधा आरोप लगाया है कि भूपेश बघेल कभी नहीं चाहते थे कि छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद पूरी तरह खत्म हो। उन्होंने कहा कि बघेल को प्रदेश के विकास और खुशहाली से कोई लेना-देना नहीं था।

उप मुख्यमंत्री साव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भूपेश बघेल की सरकार में पुलिस और सुरक्षा जवानों के हाथ बांध दिए गए थे। सुरक्षाबलों को अपनी कार्रवाई करने की पूरी स्वतंत्रता नहीं दी गई, जिसके कारण नक्सल विरोधी अभियानों पर सीधा असर पड़ा। उन्होंने दावा किया कि जब कांग्रेस की सरकार बनी थी, तब नक्सलियों ने खुशी मनाई थी। साव ने आगे कहा कि आज भी भूपेश बघेल और उनकी पार्टी की मंशा बार-बार साफ हो रही है कि वे नक्सलवाद को खत्म करने के पक्ष में नहीं हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नई रणनीति के साथ काम कर रही है।

अरुण साव ने सुरक्षाबलों की वापसी पर स्थिति स्पष्ट की

सुरक्षाबलों की वापसी के सवाल पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने स्थिति साफ की। उन्होंने कहा कि यह निर्णय परिस्थितियों का आकलन करने के बाद ही लिया जाएगा। जब बस्तर और अन्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हालात पूरी तरह नियंत्रण में आ जाएंगे, तभी जवानों की वापसी पर विचार किया जाएगा। इसका मतलब है कि सरकार सुरक्षा स्थिति को मजबूत किए बिना कोई कदम नहीं उठाएगी। यह फैसला राज्य की सुरक्षा और शांति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

आत्मसमर्पण करने वालों के लिए बेहतर पुनर्वास नीति बनाई- अरुण साव

नक्सल प्रभावित लोगों के पुनर्वास को लेकर भी सरकार की योजनाएं तैयार हैं। उप मुख्यमंत्री साव ने बताया कि सरकार ने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए एक बेहतर पुनर्वास नीति बनाई है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य ऐसे लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है, ताकि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर सम्मानजनक जीवन जी सकें। इसमें शिक्षा, रोजगार और अन्य सामाजिक सहायता जैसे पहलू शामिल हैं। सरकार का मानना है कि पुनर्वास नीति से नक्सलियों को हथियार डालने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और शांति बहाली में मदद मिलेगी।

इसके साथ ही, सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले आम नागरिकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर भी जोर दे रही है। इन इलाकों में अक्सर विकास और सरकारी सुविधाओं की कमी रहती है। सरकार की कोशिश है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं हर नागरिक तक पहुंचें। ऐसा करके सरकार का लक्ष्य है कि इन क्षेत्रों के लोगों का जीवन स्तर सुधरे और वे नक्सलियों के प्रभाव से बाहर निकलकर मुख्यधारा से जुड़ सकें। यह पहल नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने की रणनीति का एक अहम हिस्सा है, जहां केवल बल प्रयोग ही नहीं, बल्कि विकास और जन-कल्याण पर भी समान रूप से ध्यान दिया जा रहा है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma
Follow Us :GoogleNews