धुरंधर 2 को जब से बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता मिली है। तब से ऐसा लग रहा है कि इसे किसी की नजर भी लग गई है। फिल्म के बाद एक किसी ने किसी मामले में फंसती हुई दिखाई दे रही है। बॉक्स ऑफिस पर कमाई के मामले में इसने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। लेकिन इसके कानूनी पचड़े खत्म होने का नाम नहीं ले रहे हैं।
कुछ दिनों पहले ही साउथ फिल्म मेकर संतोष कुमार ने फिल्म की कहानी और स्क्रिप्ट को लेकर आदित्य धर पर ये आरोप लगाया था कि उनकी स्क्रिप्ट कॉपी की गई है। अब एक बार फिर फिल्म को लेकर कानूनी पेंच फंस गया है। दरअसल, त्रिमूर्ति फिल्म नाम फिल्म में आईकॉनिक गाने ओए ओए के उपयोग को लेकर आदित्य धर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया है। चलिए पूरा मामला जान लेते हैं।
कोर्ट पहुंचा ‘ओए-ओए’ का मामला
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह बात 1989 में रिलीज हुई फिल्म त्रिदेव की मशहूर गाने ओए ओए के राइट्स से जुड़ा हुआ है। आदित्य पर ये आरोप लगाया गया है कि उन्होंने इस गाने और उसके मिलते जुलते वर्जन का फिल्म में इस्तेमाल किया है। फिल्म निर्माता कंपनी ने यह दावा किया है कि इस गाने के इस्तेमाल से पहले उनकी टीम की तरफ से किसी भी तरह का लाइसेंस या परमिशन नहीं ली गई थी।
बता दें कि फिल्म के गाने तिरछी टोपी वाले की शुरुआत ओए ओए से ही होती है। उनका कहना है की मेकर्स ने शुरुआती शब्दों और म्यूजिक का इस्तेमाल कर गाना रंग दे लाल बनाया है।
दर्ज हुआ कॉपीराइट उल्लंघन का मामला
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस गाने के जितने भी म्यूजिकल राइट्स और साउंड रिकॉर्डिंग के अधिकार है वह त्रिमूर्ति फिल्म के पास सुरक्षित हैं। वो इसके ओरिजिनल ओनर हैं। कंपनी का कहना है कि इस गाने का उपयोग सीधे द्वार पर कॉपीराइट का उल्लंघन है। इसमें बिना परमिशन के ट्रैक को दोबारा बनाना और उसका सार्वजनिक प्रसारण करना जैसे आरोप शामिल हैं।
त्रिमूर्ति फिल्म्स ने इस गाने के इस्तेमाल पर रोक लगाने और कानूनी राहत देने की मांग की है। इसी के साथ उन्होंने किसी भी तरह से फिल्म के गाने के इस्तेमाल के कमर्शियल उपयोग पर गहरी चिंता जताई है। हालांकि, इसे लेकर धुरंधर के मेकर्स ने कोई रिएक्शन नहीं दिया है।
पहले भी हो चुका है विवाद
धुरंधर 2 को लेकर यह कोई पहला विवाद नहीं है। इसके पहले भी फिल्म विवादों का हिस्सा बन चुकी है। फिल्म मेकर संतोष कुमार ने मेकर्स पर उनकी स्क्रिप्ट चुराने का आरोप लगाया था। वहीं कुछ दृश्यों को लेकर सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप भी फिल्म पर लगा था। फिल्म की पायरेसी और अवैध स्ट्रीमिंग रोकने के लिए भी मेकर्स को कोर्ट का रुख करना पड़ा था।






