केंद्र सरकार के सख्त रुख के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) ने महिलाओं से संबंधित अश्लील कंटेंट पर बड़ी कार्रवाई की है। इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी मंत्रालय की 72 घंटे की चेतावनी के बाद X ने 3500 से ज्यादा आपत्तिजनक पोस्ट हटा दिए हैं और ऐसे कंटेंट को बढ़ावा देने वाले 600 से अधिक खातों को भी निलंबित कर दिया है।
अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क के प्लेटफॉर्म X ने इस मामले में अपनी गलती स्वीकार करते हुए भविष्य में भारतीय कानूनों का पूरी तरह से पालन करने का आश्वासन दिया है। यह कार्रवाई तब हुई जब मंत्रालय ने आईटी एक्ट के तहत प्लेटफॉर्म के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
AI टूल के दुरुपयोग का मामला
यह मामला तब सामने आया जब X पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल, जैसे कि ‘ग्रोक’, का इस्तेमाल कर महिलाओं की तस्वीरों से छेड़छाड़ कर अश्लील कंटेंट बनाया और पोस्ट किया जा रहा था। इस तरह की कई शिकायतें मिलने के बाद सरकार ने संज्ञान लिया। शिवसेना (UBT) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी इस मुद्दे पर आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की मांग की थी।
सरकार ने दिया था 72 घंटे का अल्टीमेटम
मंत्रालय ने X को स्पष्ट निर्देश दिया था कि वह 72 घंटों के भीतर सभी आपत्तिजनक कंटेंट को हटाए और इसके लिए जिम्मेदार अकाउंट्स पर कार्रवाई करे। चेतावनी में यह भी कहा गया था कि अगर प्लेटफॉर्म ऐसा करने में विफल रहता है, तो उसे भारत में कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ेगा, जिसमें आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई भी शामिल है।
मंत्रालय अभी भी पूरी तरह संतुष्ट नहीं
हालांकि X ने सरकार के निर्देशों का पालन किया है, लेकिन मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि सरकार इस कार्रवाई से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। मंत्रालय का मानना है कि इस तरह के मामलों को रोकने के लिए और सख्त कदमों की जरूरत है। सरकार ने X को निर्देश दिया है कि वह AI-जनित सामग्री के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए स्थायी तकनीकी समाधान अपनाए। मंत्रालय चाहता है कि प्लेटफॉर्म ऐसे ऑटोमेटेड टूल तैनात करे जो आपत्तिजनक कंटेंट को पोस्ट होने से पहले ही पहचान कर उसे रोक सकें और ऐसे यूजर्स के खातों को स्थायी रूप से समाप्त करें।
सरकार का मानना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी सिर्फ कंटेंट हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें एक सुरक्षित ऑनलाइन माहौल सुनिश्चित करना चाहिए। भारत में बच्चों से जुड़े किसी भी प्रकार के अश्लील कंटेंट पर पहले से ही ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति लागू है।





