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Zomato से खाना मंगवाना हुआ महंगा, कंपनी ने बढ़ाई प्लेटफॉर्म फीस, जानें अब हर ऑर्डर पर कितना देना होगा अतिरिक्त शुल्क

Written by:Gaurav Sharma
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फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म Zomato ने देश भर में अपनी प्लेटफॉर्म फीस में बढ़ोतरी कर दी है। कंपनी ने शुल्क को 12.50 रुपये से बढ़ाकर 14.90 रुपये प्रति ऑर्डर कर दिया है, जिससे अब यूजर्स की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। यह नई दरें ऐप पर लागू हो चुकी हैं।
Zomato से खाना मंगवाना हुआ महंगा, कंपनी ने बढ़ाई प्लेटफॉर्म फीस, जानें अब हर ऑर्डर पर कितना देना होगा अतिरिक्त शुल्क

अगर आप ऑनलाइन खाना ऑर्डर करने के लिए जोमैटो (Zomato) का इस्तेमाल करते हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खबर है। कंपनी ने अपने प्लेटफॉर्म शुल्क में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी है, जिससे अब हर ऑर्डर पर आपको पहले से ज्यादा पैसे चुकाने होंगे। यह बदलाव देशभर के सभी शहरों में तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है, जहां Zomato अपनी सेवाएं देता है।

इस बढ़ोतरी के बाद, Zomato पर प्रति ऑर्डर लगने वाला प्लेटफॉर्म शुल्क 12.50 रुपये से बढ़कर 14.90 रुपये हो गया है। इसका मतलब है कि हर ऑर्डर पर यूजर्स को अब 2.40 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। यह लगभग 19 प्रतिशत की वृद्धि है। चाहे आप दिन में एक बार खाना मंगवाएं या कई बार, हर ऑर्डर पर यह अतिरिक्त शुल्क लागू होगा।

प्रतिस्पर्धा के बीच बढ़ी दरें

यह दिलचस्प है कि Zomato का यह कदम उसे अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी स्विगी (Swiggy) के लगभग बराबर ले आया है। स्विगी पहले से ही टैक्स सहित प्रति ऑर्डर 14.99 रुपये का शुल्क ले रहा है। ऐसे में दोनों प्रमुख फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म की दरें अब लगभग समान हो गई हैं। वहीं, एक अन्य प्लेटफॉर्म मैजिकपिन (magicpin) फिलहाल 14.20 रुपये प्रति ऑर्डर चार्ज कर रहा है और उसने स्पष्ट किया है कि वह अभी अपनी फीस बढ़ाने की योजना नहीं बना रहा है।

लगातार बढ़ रहा है शुल्क

Zomato ने अपने मुनाफे को बढ़ाने के लिए अगस्त 2023 में पहली बार 2 रुपये के मामूली प्लेटफॉर्म शुल्क के साथ इसकी शुरुआत की थी। इसके बाद, कंपनी ने इसे धीरे-धीरे बढ़ाया। 1 जनवरी, 2024 को यह शुल्क 4 रुपये किया गया और बाद में इसे 7 रुपये तक ले जाया गया। पिछले 7 महीनों में यह दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है। कंपनी का यह कदम अपने राजस्व मॉडल को मजबूत करने और लाभप्रदता हासिल करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma
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