देहरादून: उत्तराखंड में आगामी अप्रैल महीने में प्रस्तावित एसआईआर (SIR) को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने सचिवालय में नोडल अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक कर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए, जिसमें सबसे प्रमुख गणना प्रपत्रों के डिजिटलीकरण के लिए तकनीकी सहायता का उपयोग करना है।
बैठक के दौरान सीईओ ने स्पष्ट किया कि इस अभियान की सफलता के लिए जमीनी स्तर पर तकनीकी मजबूती आवश्यक है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के सभी बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) के साथ आईटी वॉलंटियर्स को तैनात करने का निर्णय लिया गया है।
डिजिटलीकरण और संकलन में मदद करेंगे वॉलंटियर्स
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. पुरुषोत्तम ने बताया कि ये आईटी वॉलंटियर्स गणना प्रपत्र (enumeration form) के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा, वे इन प्रपत्रों को बांटने और फिर उन्हें इकट्ठा करने के काम में भी बीएलओ की सहायता करेंगे, जिससे पूरी प्रक्रिया में तेजी और सटीकता आएगी।
इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए, सीईओ ने अपर सचिव ग्राम्य विकास और निदेशक शहरी विकास विभाग को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस अभियान से तकनीकी रूप से दक्ष युवाओं को जल्द से जल्द जोड़ा जाए ताकि जमीनी स्तर पर काम सुचारू रूप से शुरू हो सके।
गढ़वाल और कुमाऊं में मैपिंग पर विशेष जोर
बैठक में सीईओ ने गढ़वाल और कुमाऊं के आयुक्तों को मैपिंग कार्य पर विशेष जोर देने के लिए भी निर्देशित किया। इसका उद्देश्य सभी क्षेत्रों का सटीक और व्यवस्थित डेटा तैयार करना है, ताकि अभियान के दौरान किसी भी तरह की प्रशासनिक बाधा न आए।
इस महत्वपूर्ण बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें निदेशक शहरी विकास विनोद गिरी गोस्वामी, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चन्द्र, अपर सचिव झरना कमठान, निदेशक महिला बाल विकास बीएल राणा, और उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी शामिल थे। इसके अतिरिक्त, निदेशक एसआईसी मनीष जुगरान, अपर निदेशक आईटीडीए तीरथ पाल, उप निदेशक सूचना रवि बिजारनियां सहित गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के अपर आयुक्तों ने भी बैठक में हिस्सा लिया और अपने सुझाव दिए।






