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CBSE ने किया साइंस चैलेंज 2026-27 का ऐलान, कक्षा 8वीं-10वीं के विद्यार्थी ले सकते हैं भाग, स्कूलों को सर्कुलर जारी

सीबीएसई ने साइंस चैलेंज 2026 की घोषणा कर दी है। संबंधित सर्कुलर जारी किया किया गया है। स्कूलों को जरूरी गाइडलाइंस का पालन करना होगा। 14 अक्टूबर से आवेदन शुरू होंगे। 
cbse notice

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने साइंस चैलेंज 2026 -27  का सर्कुलर 13 अक्टूबर को जारी कर दिया है। इसमें पात्रता, शुल्क, महत्वपूर्ण तारीखें और अन्य जानकारी दी गई है। जिसे उम्मीदवार बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट https://www.cbse.gov.in/ पर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं। सीबीएसई का साइंस चैलेंज का आयोजन कक्षा आठवीं से लेकर दसवीं के छात्रों के लिए करता है।

इस गतिविधि का उद्देश्य छात्रों के बीच वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देना है। साथ ही उच्च स्तरीय सोचने के कौशल को प्रोत्साहित करना है। इसमें दो चरण शामिल होते हैं। पहला चरण स्कूल लेवल और दूसरा इंटर स्कूल लेवल का होता है। पहले चरण में के लिए स्कूलों को छात्रों का पंजीकरण करना होता है। दूसरे चरण के लिए स्कूल प्रत्येक कक्षा से 2 छात्रों यानि कुल 6 छात्रों को नॉमिनेट कर सकते हैं।

नहीं देनी होगी फीस 

बोर्ड ने अपने नोटिफिकेशन में स्पष्ट किया है कि दोनों ही चरणों में भाग लेने वाले छात्रों को किसी प्रकार की फीस नहीं देनी होगी । दूसरे चरण में शामिल होने वाले सभी प्रतिभागियों को ऑनलाइन पार्टिसिपेशन सर्टिफिकेट सीबीएसई द्वारा जारी किया जाएगा। वहीं सबसे अच्छा परफॉर्म करने वाले छात्रों को अप्रिशिएसन सर्टिफिकेट मिलेगा। सभी स्कूलों को साइंस चैलेंज में भाग लेने के लिए छात्रों को प्रोत्साहित करने का अनुरोध बोर्ड द्वारा किया गया है।

नोट कर लें जरूरी तारीखें

पहले चरण के लिए आवेदन 14 अक्टूबर से लेकर 30 अक्टूबर तक जारी रहेंगे। सभी संबंध स्कूल सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर लॉग इन क्रैडेंशियल का इस्तेमाल करके छात्रों का रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। पहले चरण का आयोजन स्कूलों में 2 नवंबर से लेकर 13 नवंबर तक किया जाएगा। 2 नवंबर को साइंस चैलेंज का पेपर  स्कूलों को उपलब्ध करवाया जाएगा। 17 नवंबर से लेकर 25 नवंबर तक राउंड 2 के लिए रजिस्ट्रेशन जारी रहेंगे। 30 नवंबर से लेकर 4 दिसंबर के बीच दूसरे चरण का आयोजन कंप्यूटर बेस्ड मोड में होगा।

स्कूलों को दिशानिर्देश जारी 

साइंस चैलेंज का पेपर छात्रों के बीच कक्षाओं में प्रस्तुत किया जाएगा। सीबीएसई ने परीक्षा एक्टिविटी को निष्पक्ष रूप से करने के लिए इनविजीलेशन ड्यूटी पर पर्याप्त टीचर्स नियुक्त करने का निर्देश दिया है। काम पूरा करने की अधिकतम सीमा 60 मिनट होनी चाहिए। यह क्षमता और गति का टेस्ट है यानी स्टूडेंट का मूल्यांकन एक्यूरेसी और काम पूरा करने में लगे समय दोनों के आधार पर किया जाएगा।

Manisha Kumari Pandey
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