पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। केंद्र सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं के नियम (Competitive Exams New Rules) सख्त किए हैं। संशोधित दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। जिसका पालन दिव्यांग उम्मीदवारों को करना होगा। नए नियमों के तहत सभी परीक्षा संस्थानों को अपना स्क्राइब पूल तैयार करना होगा। इसके लिए दो वर्षों का समय निर्धारित किया गया है। इसके अलावा “ओन सक्राइब” सिस्टम भी खत्म होने वाला है।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने गाइडलाइंस जारी की है। जिसका उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, अखंडता और निष्पक्षता को बढ़ावा देना है। इस फैसले से फर्जीवाड़ें के मामले भी कम होंगे। यह बदलाव सभी लिखित सरकारी परीक्षाओं पर लागू होगा। इसके अलावा प्रोफेशन और टेक्निकल कोर्स में एडमिकशन के लिए भी यह नियम प्रभावी होगा।
क्यों उठाया गया यह कदम? (PWD Candidates Rules)
हाल में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां पीडबल्यूडी उम्मीदवार और निजी स्क्राइब की मिलीभगत सामने आई है। यह देखा गया कि स्क्राइब बिना डिक्टेशन के उत्तर लिखते हैं। जिससे परीक्षा की अखंडता और निष्पक्षता पर कई सवाल उठे हैं। पारदर्शिता और विश्ववसनीयता को लेकर यूपीएससी, एनआरए और अन्य संस्थानों ने इन मामलों पर चिंता व्यक्त।
विस्तार में जान लें नए नियम
- सभी परीक्षा संस्थानों को दो साल के भीतर ट्रेंड पूल तैयार करना होगा। तब तक विशेष परिस्थितियों में “Own Scribe” सिस्टम लागू रहेगा। बता दें कर्मचारी चयन आयोग ने नए स्क्राइब पॉलिसी का ऐलान कर दिया है।
- स्क्राइब की योग्यता 2-3 वर्ष कम होनी चाहिए। स्क्राइब कभी भी संबंधित परीक्षा का उम्मीदवार नहीं हो सकता है।
- पीडबल्यूडी उम्मीदवारों को 20 मिनट का एक्स्ट्रा समय दिया जाएगा। यह सुविधा उन्हें मिलेगी जो लिखने में सक्षम नहीं होंगे।
- उम्मीदवारों का पर्सनल और मेडिकल डेटा डिजिटल डेटा पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट 2023 के तहत सुरक्षित रखा जाएगा। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
- परीक्षा केंद्र पूरी तरह से सुगम्य होंगे। लिफ्ट, चौड़े कॉरिडर, ग्रउन्ड फ्लोर सीटींग, रैम्प जैसी सुविधाओं का ख्याल रखना होगा।
- सहायक तकनीक जैसे स्क्रीन रीडर (JAWA, NVDA), ब्रेल, रिकॉर्डिंग डिवाइस, स्पीच टू टेक्स्ट सॉफ्टवेयर सुविधाओं को भी सुनिश्चित किया जाएगा।






