नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने जेईई मेंस सेशन-1 (JEE Main 2027) को लेकर एडवाइजरी जारी की है। उम्मीदवारों के हित में सेशन-1 के लिए नया एप्लीकेशन फॉर्म जमा करने की इजाजत दी गई है। जिन उम्मीदवारों ने एग्जामिनेशन नंबर जनरेट कर लिया है या शुल्क भुगतान कर दिया है, वे भी इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। इसके जरूरी  नियम भी निर्धारित किए गए हैं, जिसकी जानकारी अभ्यर्थियों को होनी चाहिए।

सिर्फ उस आखिरी एप्लीकेशन फॉर्म वैलिड माना जाएगा, इसके लिए एक्जाम फीस सफलतापूर्वक जमा की गई हो और कंफर्मेशन पेज जनरेट हुआ हो। अगर कोई उम्मीदवार नया फॉर्म सबमिट करता है, लेकिन फीस पेमेंट पूरा नहीं करता है और कंफर्मेशन पेज जनरेट नहीं करता है, तो पहले वाले फॉर्म जिसके लिए ये स्टेटस पूरे किए गए हैं, उसे वैलिड माना जाएगा। हर नए फार्म के लिए एक नया एप्लीकेशन नंबर जनरेट होगा। फोटो, हस्ताक्षर और डॉक्यूमेंट समेत सभी डिटेल्स फिर से अपलोड करनी होगी।

22 नवंबर तक आवेदन का मौका 

नए एप्लीकेशन को 22 नवंबर को रात 11:50 तक या उससे पहले जमा किया जा सकता है। लेट फीस के साथ आवेदन की तारीख 23 से लेकर 26 नवंबर निर्धारित की गई है। ध्यान रखें कि पहले से फार्म के लिए दी गई एग्जामिनेशन फीस न तो रिफंड की जाएगी न ही नए एप्लीकेशन में एडजस्ट की जाएगी। जिन उम्मीदवारों को सिर्फ कुछ डिटेल्स में बदलाव करना है, उन्हें नया फार्म जमा करने की बजाय सुधार की सलाह दी गई है। करेक्शन पोर्टल 27 से लेकर 29 नवंबर तक एक्टिव रहेगा।

ज्यादा आवेदन से नहीं मिलेगा अधिक अटेम्पट का अधिकार

एनटीए ने स्पष्ट किया है कि एक से ज्यादा आवेदन जमा करने से उम्मीदवारों को ज्यादा अटेम्पट देने का अधिकार नहीं मिलता। एक ही सेशन में एक से ज्यादा बार बैठने की अनुमति नहीं। जो कैंडिडेट एक से ज्यादा एप्लीकेशन नंबर का इस्तेमाल करके परीक्षा में बैठता है या बैठने की कोशिश करता है, तो उसे अन् फेयर मींस का इस्तेमाल करने वाला माना जाएगा और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

डिजीलॉकर के लिए री-केवाईसी की सलाह 

बोर्ड ने डिजिलॉकर से संबंधित जरूर दिशा निर्देश जारी किए हैं। ताकि उम्मीदवार बिना किसी रूकावट आवेदन प्रक्रिया को पूरा कर सकें। सभी उम्मीदवारों को डिजीलॉकर/जन परिचय/ ई-प्रमाण मेरी पहचान क्रेडेंशियल दर्ज करके लॉग इन करने की सलाह दी गई है। ताकि आईडेंटिटी वेरीफिकेशन या बायोमैट्रिक डेटा में किसी प्रकार की विसंगति न हो। आवेदन से पहले डिजिलॉकर के जरिए री-केवाईसी को पूरा करने की सलाह भी दी गई है। यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि नाम और जन्मतिथि कक्षा दसवीं सर्टिफिकेट या मार्कशीट के अनुरूप हो।