Hindi News

वकालत की पढ़ाई के लिए कहाँ लें दाखिला? ये हैं भारत के टॉप-10 लॉ कॉलेज, यहाँ देखें लिस्ट 

Published:
CLAT 2025 के लिए एप्लीकेशन प्रोसेस जारी है। छात्रों को एलएलबी के लिए सही कॉलेज की तलाश है। ऐसे में उन्हें समझ नहीं आता कहाँ एडमिशन लेना सही रहेगा। यहाँ भारत के टॉप-10 लॉ कॉलेजों के बारे में बताया गया है- 
वकालत की पढ़ाई के लिए कहाँ लें दाखिला? ये हैं भारत के टॉप-10 लॉ कॉलेज, यहाँ देखें लिस्ट 

AI Generated Image

वकालत को एक बेहतरीन करियर ऑप्शन माना जाता है। कक्षा 12वीं या ग्रेजुएशन के बाद लोग एलएलबी या एलएलएम में दाखिला लेने की इच्छा रखते हैं। छात्रों को बाद जज, वकील,  लीगल एडवाइजर, कॉरपोरेट लॉयर इत्यादि के तौर पर काम करने का मौका भी मिलता है। लॉ की पढ़ाई के लिए सही कॉलेज में दाखिला लेना बेहद ही जरूरी होता है। ऐसे में ऐसे में स्टूडेंट्स को को समझ नहीं आता कि उन्हें कहाँ एडमिशन लेना चाहिए।

भारत में ऐसे कई संस्थान है, जिसे लॉ के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। इसके लिए छात्रों को CLAT की परीक्षा देनी पड़ती है। सेशन 2025-26 के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 अगस्त से शुरू हो चुकी है। 31 अक्टूबर तक अप्लाई किया जा सकता है। वहीं परीक्षा का आयोजन 7 दिसंबर 2025 को किया जाएगा। आइए जानें एनआईआरएफ रैंकिंग के मुताबिक देश के टॉप 10  लॉ कॉलेज कौन-कौन से हैं?

ये है बेस्ट लॉ कॉलेज (Top 10 Law Colleges)

एनआरआईएफ रैंकिंग 2025 पहला स्थान नेशनल लॉ स्कूल ऑफ़ इंडिया यूनिवर्सिटी को मिला है। यह कर्नाटक के बेंगलुरु में स्थित है। यूजी और पीजी लॉ कोर्स ऑफर करता है। कक्षा 12वीं पास स्टूडेंट बीए एलएलबी में दाखिला ले सकते हैं। इसके लिए 45% अंक की जरूरत पड़ती है। हालांकि एससी एसटी कैटेगरी के उम्मीदवारों को 5% तक की छूट मिलती है। CLAT 2026 परीक्षा पास करना अनिवार्य है। इस साल कुल 310 सीटों पर उम्मीदवारों का दाखिला होने वाला है। कोर्स की फीस करीब 5 लाख रुपये होती है।

दूसरे नंबर पर नेशनल यूनिवर्सिटी नई दिल्ली है। इसमें भी ऑल इंडिया लॉ एंट्रेंस टेस्ट के जरिए एडमिशन मिलता है। तीसरे नंबर पर यूनिवर्सिटी ऑफ़ लॉ हैदराबाद तेलंगाना है। इसके लिए क्लैट परीक्षा अनिवार्य है। कॉलेज 3 साल से लेकर 5 साल का जो प्रोग्राम ऑफर करता है।

यहाँ देखें टॉप 10 लॉ कॉलेजों की लिस्ट 

  1. नेशनल लॉ स्कूल ऑफ़ इंडिया यूनिवर्सिटी, बेंगलुरू कर्नाटक
  2. नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली,
  3. नलसार यूनिवर्सिटी ऑफ़ लॉ, हैदराबाद तेलंगाना
  4. द वेस्ट बंगाल नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ जुरिडिशल साइंसेज, कोलकाता पश्चिम बंगाल
  5. गुजरात नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, गांधीनगर गुजरात
  6. इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी खड़गपुर,पश्चिम बंगाल
  7. सिंबोसिस लॉ स्कूल पुणे, महाराष्ट्र
  8. जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली
  9. अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, उत्तर प्रदेश
  10. शिक्षा ‘ओ’ अनुसंधान, भुवनेश्वर ओडिशा
Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey
Follow Us :GoogleNews