विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने शैक्षणिक सत्र 2025 -26 के लिए फीस रिफंड पॉलिसी को लेकर महत्वपूर्ण नोटिस जारी किया है। यह स्पष्ट किया है कि सभी भी यूजीसी शुल्क वापसी नीति लागू है। जिसका पालन सभी उच्च शिक्षा संस्थानों को करना है। जिन भी छात्रों ने कॉलेज छोड़ दिया है और 31 अक्टूबर 2025 तक फीस वापसी के लिए आवेदन किया, उन्हें जल्द से जल्द फीस रिफंड करने का निर्देश दिया गया है।
कॉलेजों को पुराने लंबित मामलों को हल करने के लिए वर्ष 2021-22 से 2024-25 के लिए यूजीसी द्वारा जारी शुल्क वापस नीति में उल्लेखित आखिरी तिथि का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है। यूजीसी शुल्क आपसे नीति के नियमों का उल्लंघन करने वाले और मूल प्रमाण पत्र रखने वाले संस्थानों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। आयोग के इस फैसले से कई स्टूडेंट्स को राहत मिलेगी।
ये भी पढ़ें
इन नियमों को जान लें छात्र
- कार्यक्रम से नाम वापस लेने की स्थिति में संबंधित संस्थान द्वारा शुल्क वापस किया जाएगा। व्यक्तिगत प्रमाण पत्रों का सत्यापन और गैर धारण भी अनिवार्य होगा। कोई भी उच्च शिक्षा संस्थान अध्ययन कार्यक्रम के दौरान किसी भी समय आवेदकों के लिए संस्थागत प्रोस्पेक्टस खरीदना अनिवार्य नहीं करेगा। इसे खरीदना है या नहीं, यह छात्र की व्यक्तिगत पसंद होगी। यदि वह संस्थान की वेबसाइट से जानकारी प्राप्त करना चाहता है, तो उन्हें इससे संबंधित फैसला लेने का हक होगा। सभी संस्थानों को वेबसाइट पर कॉलेज के स्टेटस, मान्यता और संबद्धता की जानकारी प्रस्तुत करनी होगी।
- कॉलेज केवल सेमेस्टर/ ईयर के लिए एडवांस में फीस चार्ज कर सकते हैं, जिसमें स्टूडेंट शैक्षणिक गतिविधियों में शामिल होंगे। पूरे प्रोग्राम के लिए या एक से अधिक सेमेस्टर या ईयर के लिए फीस कलेक्ट करना नियमों का उल्लंघन माना जाता है।
- यदि फाइनल एडमिशन के 15 दिन बाद या इससे पहले कोई उम्मीदवार एडमिशन रद्द करता है तो उसे 100% शुल्क वापस किया जाएगा।
- एडमिशन कन्फर्म होने और इसे रद्द करने बीच यदि 30 दिन से अधिक अंतराल होता है, तो उम्मीदवारों को 0% फीस रिफंड किया जाएगा ।
- छात्रों द्वारा फीस रिफंड आवेदन प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर उच्च शिक्षा संस्थान शुल्क वापस करेंगे।
- कोई भी कॉलेज यूनिवर्सिटी ऑरिजिनल अकादेमिक या पर्सनल सर्टिफिकेट जमा नहीं रख सकता। केवल सेल्फ अटेस्टेड फोटोकॉपी को भी जमा रखने की अनुमति होती है। हालांकि दस्तावेजों का फिजिकल वेरिफिकेशन किया जा सकता है।
नियम तोड़ने पर यूजीसी उठा सकता है ये कदम
यूजीसी एक्ट 1956 की धारा 12बी उच्च शिक्षा संस्थान को आमंत्रित किसी भी अनुदान को रोका जा सकता है। आयोग किसी भी सामान्य विशेष सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत किसी भी सहायता के लिए विचार के लिए कॉलेज का अयोग्य भी घोषित किया जा सकता है। यूजीसी कॉलेज के संबद्धता भी वापस ले सकता है। हालांकि कार्रवाई से पहले कॉलेज को सुनवाई के लिए पर्याप्त मौका भी दिया जाता है।
1857727_Fee-Refund-Policy-2025-26