रायपुर: छत्तीसगढ़ में अवैध रूप से हो रही अफीम की खेती के खुलासे के बाद राज्य सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए सभी जिलों के कलेक्टरों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि राज्य के किसी भी हिस्से में अवैध रूप से अफीम की खेती न हो।
मुख्यमंत्री ने इस संबंध में एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी जिलों में संभावित क्षेत्रों का व्यापक सर्वे कराया जाए। इस कार्य के लिए कलेक्टरों को 15 दिनों की समय सीमा दी गई है।
15 दिन में देनी होगी जांच रिपोर्ट
मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार, सभी जिला कलेक्टरों को 15 दिवस के भीतर एक विस्तृत जांच रिपोर्ट शासन को प्रस्तुत करनी होगी। इस रिपोर्ट के साथ एक प्रमाण पत्र भी देना होगा, जिसमें यह प्रमाणित किया जाएगा कि उनके जिले में किसी भी प्रकार की अफीम की खेती नहीं हो रही है। इस निर्देश के पालन में आयुक्त, भू-अभिलेख द्वारा राज्य के सभी जिला कलेक्टरों को तत्काल प्रभाव से पत्र भी जारी कर दिया गया है।
जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही सरकार
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने साफ किया है कि राज्य में अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन और कारोबार के प्रति सरकार की नीति ‘जीरो टॉलरेंस’ की है।
“राज्य में अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन और कारोबार के प्रति सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है और ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”- विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी क्षेत्र में ऐसी कोई भी अवैध गतिविधि पाई जाती है, तो दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सरकार का यह कदम राज्य को नशा मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।





