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Ishq Wala love : कैदी पर आया सहायक जेल अधीक्षक का दिल, धूमधाम से हुई शादी, बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने किया कन्यादान

Reported by:Saurabh Shukla|Edited by:Atul Saxena
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कैदी से लेकर अधिकारी तक सभी ने इस जोड़े को बधाई दी, मुस्लिम अधिकारी ने ड्यूटी में जितनी ईमानदारी दिखाई है, निजी जीवन में भी उतनी ही हिम्मत दिखाई है। यह सतना के लिए गंगा-जमुनी तहजीब की पहचान है। 
Ishq Wala love : कैदी पर आया सहायक जेल अधीक्षक का दिल, धूमधाम से हुई शादी, बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने किया कन्यादान

Assistant Jail Superintendent Firoza Khatoon and prisoner Dharmendra Singh’s wedding

प्रेम कहानियां आपने बहुत सुनी होंगी, किताबों में पढ़ी होंगी, फिल्मों में टीवी सीरियल में देखी होंगी लेकिन आज हम आपको जिस प्रेम कहानी के बारे में बताने जा रहे हैं वो सबसे अलग है उसमें समाज के लिए एक सन्देश छिपा है, ये शादी दो लोगों का मिलन ही नहीं गंगा जमुनी तहजीब की एक बड़ी मिसाल बनकर चर्चा में है।

मोहब्बत की ये कहानी जेल के अन्दर सजा काट चुके एक कैदी और वहां पदस्थ सहायक जेल अधीक्षक के बीच की है, रीवा की रहने वाली सहायक जेल अधीक्षक फिरोजा खातून केंद्रीय जेल सतना में पदस्थ हैं, उन्होंने उसी जेल में बंद रहे  कैदी धर्मेन्द्र सिंह (अभिलाष) निवासी चंदला छतरपुर से शादी कर समाज के सामने भाईचारे और इंसानियत की नई मिसाल पेश की है।

बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने किया कन्यादान 

जेल की चारदीवारी के भीतर कानून-व्यवस्था संभालने वाली इस अधिकारी ने साबित कर दिया कि मोहब्बत और इंसानियत का कोई मजहब नहीं होता। 5 मई को लवकुशनगर स्थित एक मैरिज हाउस हिन्दू रीति- रिवाज से शादी सम्पन्न हुई है मुस्लिम अधिकारी के परिजन इस शादी से नाराज थे वे शामिल नही हुए तो बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कन्यादान कर समाज को एक अच्छा संदेश दिया।

ऐसे परवान चढ़ी मोहब्बत

दरअसल केंद्रीय जेल सतना में सहायक जेल अधीक्षक के पद पर पदस्थ महिला अधिकारी फिरोजा खातून की मुलाकात ड्यूटी के दौरान धर्मेंद्र से हुई, जेल में फिरोजा खातून वारंट इंचार्ज थी वहीं आजीवन कारावास की सजा काट रहा धर्मेन्द्र वारंट का काम करता था, इन दोनों के बीच पहले दोस्ती हुई फिर दोनों का प्यार परवान चढ़ा। दोनों ने परिवार और समाज की परवाह किए बिना हिंदू रीति-रिवाज से शादी करने का फैसला लिया। शादी पूरी तरह से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुई।

जेल में चर्चा का विषय रही यह शादी

शादी की खबर सामने आते ही केंद्रीय जेल सतना में यह मामला चर्चा का विषय बन गया। कैदी से लेकर अधिकारी तक सभी ने इस जोड़े को बधाई दी, मुस्लिम अधिकारी ने ड्यूटी में जितनी ईमानदारी दिखाई है, निजी जीवन में भी उतनी ही हिम्मत दिखाई है। यह सतना के लिए गंगा-जमुनी तहजीब की पहचान है।

नगर परिषद उपाध्यक्ष की हत्या के मामले में हुई थी धर्मेंद्र को सजा 

चंदला निवासी धर्मेंद्र सिंह ने वर्ष 2007 में नगर परिषद चंदला के उपाध्यक्ष कृष्ण दत्त दीक्षित की हत्या कर शव जमीन पर दफना दिया था इस चर्चित हत्या के मामले युवक को आजीवन कारावास की सजा हुई थी करीब 14 साल तक जेल काटने के बाद जेल प्रबंधन ने अच्छे आचरण को देखते हुए जेल से रिहा कर दिया था बीते करीब 4 सालों से धर्मेंद्र जेल से बाहर था मंगलवार को आयोजित हुई शादी खूब चर्चा का विषय रही।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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