Chhatarpur News : भ्रष्ट ग्राम पंचायत सचिव को कोर्ट ने सुनाई 4 साल की सजा, इंदिरा आवास का पैसा जारी करने के बदले रिश्वत लेते लोकायुक्त ने किया था गिरफ्तार

Chhatarpur News : भ्रष्ट ग्राम पंचायत सचिव को कोर्ट ने सुनाई 4 साल की सजा, इंदिरा आवास का पैसा जारी करने के बदले रिश्वत लेते लोकायुक्त ने किया था गिरफ्तार

Chhatarpur News : विशेष न्यायाधीश, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम छतरपुर ने एक भ्रष्ट ग्राम पंचायत सचिव को 04 वर्ष के कारावास एवं अर्थदण्ड से दण्डित किया है, आरोपी ग्राम पंचायत सचिव बंदी अहिरवार ने आवेदक से उसकी माँ के नाम से आवंटित इंदिरा आवास योजना की दूसरी क़िस्त जारी करने के लिए रिश्वत मांगी थी जिसे लोकायुक्त पुलिस ने रेंज हाथ गिरफ्तार किया था।

इंदिरा आवास की क़िस्त जारी करने के बदले मांगी थी रिश्वत  

सागर लोकायुक्त एसपी योगेश्वर शर्मा ने बताया कि 18 मार्च 2016 के कुछ दिन पहले  फरियादी किशन काछी नि ग्राम मवैया ने लोकायुक्त सागर में शिकायत की थी कि उसकी माँ के नाम से स्वीकृत इंदिरा आवास योजना की दूसरी किस्त 35000/- रुपये  जारी कराए जाने हेतु ग्राम पंचायत सचिव बंदी अहिरवार के द्वारा 6000/- रुपये रिश्वत की मांग की जा रही है।

सागर लोकायुक्त पुलिस के रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था 

शिकायत के सत्यापन पर आवेदक द्वारा की गई शिकायत सही पाए जाने पर दिनांक 18 मार्च 2016 को ट्रैप की कार्रवाई की गई जिसमें आरोपी को आवेदक से हरि किराना के पास नौगांव में 5000/- रुपये नगद , आरोपी हरिप्रसाद कुशवाहा के माध्यम से लेते हुए पकड़ा गया जिसकी कार्यवाही करते हुए आरोपीगणों के विरुद्ध धारा 7,13(1)डी, 13(2) पीसी एक्ट का प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

स्पेशल कोर्ट ने सुनाई 4 साल की सजा, जुर्माना भी लगाया 

विवेचना के बाद प्रकरण का अभियोग पत्र न्यायालय छतरपुर में प्रस्तुत किया गया जिसमें विचारण उपरांत न्यायालय छतरपुर द्वारा आरोपी ग्राम पंचायत सचिव बंदी अहिरवार को दोषसिद्ध पाते हुए धारा 7 के अंतर्गत 4 वर्ष की सजा एवं 2500/- रुपये के अर्थदण्ड एवं सहपठित धारा 13(1),13(2 ) पीसी एक्ट में 4 वर्ष की सजा एवं 2500/- रुपये के अर्थदण्ड की सजा से दंडित किया गया है।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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