वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की संदिग्ध मौत के बाद बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। दरअसल छतरपुर में दिव्य दरबार के समापन के दौरान उन्होंने माताओं और बहनों से अकेले धाम की यात्रा करने से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर अकेले आना पड़े तो अनजान लोगों पर भरोसा न करें और किसी के साथ कहीं जाने से पहले सावधानी बरतें।
दरअसल छतरपुर में शुक्रवार देर रात दिव्य दरबार के समापन के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने वृंदावन में हुई हालिया घटना का जिक्र किया। उन्होंने श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी। उनका कहना था कि धाम आने वाले लोगों को अपनी सुरक्षा को लेकर भी जागरूक रहना चाहिए। खास तौर पर महिलाओं से उन्होंने अकेले यात्रा करने से बचने की अपील की।
बागेश्वर धाम में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर क्या बोले धीरेंद्र शास्त्री?
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि बागेश्वर धाम आने वाली माताओं और बहनों को कोशिश करनी चाहिए कि वे अकेले धाम न आएं। अगर किसी वजह से अकेले आना पड़े तो किसी अनजान व्यक्ति पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए। उन्होंने श्रद्धालुओं को किसी अनजान व्यक्ति के साथ जाने से बचने और धाम क्षेत्र में जरूरत से ज्यादा देर तक नहीं रुकने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि आज के समय में लोगों को अपनी सुरक्षा के प्रति खुद भी सावधान रहना जरूरी है। उनकी अपील का खास जोर इस बात पर रहा कि श्रद्धालु किसी भी व्यक्ति पर आंख बंद करके भरोसा न करें। यात्रा के दौरान आसपास के माहौल पर ध्यान रखें और किसी संदिग्ध स्थिति में सावधानी बरतें। यह बात उन्होंने वृंदावन की घटना के संदर्भ में श्रद्धालुओं को सतर्क करने के दौरान कही।
जानिए धाम की सुरक्षा व्यवस्था पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने क्या कहा?
दरअसल धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बागेश्वर धाम की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि धाम का इलाका करीब पांच किलोमीटर में फैला हुआ है। मंदिर परिसर और हॉल के अंदर सुरक्षा और व्यवस्था की जिम्मेदारी धाम प्रबंधन की रहती है लेकिन इतने बड़े इलाके के हर हिस्से में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना आसान नहीं है। इसी वजह से उन्होंने श्रद्धालुओं से अपनी सुरक्षा को लेकर भी जिम्मेदारी निभाने की अपील की। उन्होंने लोगों से कहा कि धाम आने के दौरान सावधानी बरतें और अनजान लोगों के झांसे में आने से बचें। खासकर अकेले आने वाली महिलाओं को अतिरिक्त सतर्क रहने की सलाह दी गई। उन्होंने यह भी कहा कि श्रद्धालु खुद जागरूक रहें और अपने साथ आने वाले दूसरे लोगों को भी सावधानी बरतने के लिए कहें।
बता दें कि संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की 25 सितंबर 2026 की सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। इस घटना के बाद मामले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी घटनाक्रम के बीच छतरपुर में दिव्य दरबार के समापन पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता जाहिर की और खास तौर पर महिलाओं से अकेले धाम नहीं आने की अपील की।






