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छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों को त्योहार से पहले बड़ी सौगात, CM साय ने किया खुशखबरी भरा ऐलान

Written by:Saurabh Singh
Published:
मंत्रिपरिषद ने अनुसूचित क्षेत्रों और माडा पॉकेट क्षेत्रों में रहने वाले अंत्योदय और प्राथमिकता श्रेणी के परिवारों के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत हर माह वितरित होने वाले 2 किलो चने की खरीद को मंजूरी दी।
छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों को त्योहार से पहले बड़ी सौगात, CM साय ने किया खुशखबरी भरा ऐलान

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) में 2 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की है। इस फैसले के बाद अब प्रदेश के कर्मचारियों को केंद्र सरकार के समान 55 प्रतिशत डीए मिलेगा। वर्तमान में राज्य में 3 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारी कार्यरत हैं। सीएम साय ने कहा कि पहले कर्मचारियों को 53 प्रतिशत डीए मिल रहा था, लेकिन आगामी दिवाली पर्व को देखते हुए इस वृद्धि का निर्णय लिया गया है। यह कदम कर्मचारियों के लिए आर्थिक राहत प्रदान करेगा।

मंत्रालय महानदी भवन में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मंत्रिपरिषद ने अनुसूचित क्षेत्रों और माडा पॉकेट क्षेत्रों में रहने वाले अंत्योदय और प्राथमिकता श्रेणी के परिवारों के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत हर माह वितरित होने वाले 2 किलो चने की खरीद को मंजूरी दी। यह खरीद वित्तीय वर्ष 2024-25 में नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा NeML ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से 0.25 प्रतिशत या उससे कम ट्रांजैक्शन/सर्विस चार्ज पर की जाएगी। साथ ही, जुलाई 2025 से नवंबर 2025 तक चना न लेने वाले हितग्राहियों को दिसंबर 2025 तक पात्रतानुसार चना वितरित करने का निर्णय लिया गया।

सूचना प्रौद्योगिकी के लिए बड़ा कदम

कैबिनेट ने नवा रायपुर में सूचना प्रौद्योगिकी (IT/IITS) उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए भी बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत 90 एकड़ भूमि को रियायती प्रीमियम दर पर आबंटित करने का फैसला किया गया है। इस पहल का उद्देश्य आईटी क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करना और औद्योगिक विकास को गति देना है। रियायती दरों पर भूमि उपलब्ध होने से निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

तकनीकी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा

इस निर्णय से नवा रायपुर में तकनीकी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही शहरीकरण और बसाहट की प्रक्रिया को भी बल मिलेगा। आईटी कंपनियों की स्थापना से क्षेत्र में आधारभूत संरचनाओं का विकास होगा, जिससे स्थानीय निवासियों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा। ये कदम छत्तीसगढ़ को तकनीकी और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे।