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एपस्टीन फाइल्स में PM मोदी की इजरायल यात्रा का जिक्र, भूपेश बघेल ने उठाए सवाल, विदेश मंत्रालय ने दावे को किया खारिज

Written by:Shyam Dwivedi
Published:
अमेरिकी 'एपस्टीन फाइल्स' में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2017 की इजरायल यात्रा का जिक्र आने से सियासी बवाल खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए, वहीं विदेश मंत्रालय ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है।
एपस्टीन फाइल्स में PM मोदी की इजरायल यात्रा का जिक्र, भूपेश बघेल ने उठाए सवाल, विदेश मंत्रालय ने दावे को किया खारिज

नई दिल्ली: अमेरिकी फाइनेंसर जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी फाइलों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्रा का जिक्र सामने आने के बाद भारतीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मुद्दे पर सरकार और भाजपा की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। वहीं, विदेश मंत्रालय ने इन दावों को एक दोषी अपराधी की ‘तुच्छ बकवास’ बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया है।

यह मामला उन दस्तावेजों से जुड़ा है जो यौन शोषण और सेक्स ट्रैफिकिंग के दोषी जेफ्री एपस्टीन से संबंधित हैं। इन दस्तावेजों में दुनिया के कई प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आए हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर सनसनी मची हुई है।

बघेल ने ‘कश्मीर फाइल्स’ से की तुलना

कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने सरकार पर निशाना साधते हुए इस मामले की तुलना ‘द कश्मीर फाइल्स’ और ‘द केरल स्टोरी’ से की। उन्होंने कहा कि जब इन फिल्मों की बात आती है तो भाजपा के लोग खूब बोलते हैं, लेकिन अब एपस्टीन फाइल्स पर सब चुप हैं।

“कुछ दिनों पहले ‘कश्मीर फाइल्स’ आई थी जिसने लोगों को बांटने का काम किया। फिर आई ‘केरल फाइल्स’, उसमें भी बांटने का काम किया गया। अभी ‘एपस्टीन फाइल’ आई है। अमेरिकी न्याय विभाग ने एपस्टीन फाइल खोला है, जिसमें प्रधानमंत्री तक का नाम आया है, लेकिन भाजपा और सरकार सब मौन हैं।”- भूपेश बघेल, पूर्व मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़

बघेल ने आगे कहा, “अभी इस फाइल के बारे में कोई नहीं बोल रहा है। कश्मीर फाइल्स, केरल फाइल्स के बारे में तो भाजपा के लोग खूब बातें किया करते थे, अब जरा एपस्टीन फाइल के बारे में बोलें।”

विदेश मंत्रालय का दो टूक जवाब

विपक्षी हमलों के बीच विदेश मंत्रालय ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाया है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक बयान जारी कर इन दावों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की जुलाई 2017 की इजरायल यात्रा एक तथ्य है, लेकिन इससे जुड़ी बाकी बातें मनगढ़ंत हैं।

जायसवाल ने कहा, “हमने तथाकथित एपस्टीन फाइलों से एक ईमेल संदेश की खबरें देखी हैं, जिनमें प्रधानमंत्री और उनके इजराइल दौरे का जिक्र किया गया है। प्रधानमंत्री की जुलाई 2017 में इजराइल की आधिकारिक यात्रा के तथ्य को छोड़कर, ईमेल में किए गए बाकी सभी संकेत एक दोषी अपराधी के तुच्छ चिंतन से अधिक कुछ नहीं हैं, जिन्हें अत्यंत तिरस्कार के साथ खारिज कर दिया जाना चाहिए।”

क्या है एपस्टीन फाइल्स का मामला?

एपस्टीन फाइल्स का संबंध अमेरिकी फाइनेंसर जेफ्री एपस्टीन से है, जिस पर नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और सेक्स ट्रैफिकिंग के गंभीर आरोप थे। 2019 में जेल में उसकी मौत हो गई थी, जिसे आधिकारिक तौर पर आत्महत्या बताया गया था। अमेरिकी अदालतों के आदेश के बाद हाल के वर्षों में उससे जुड़े कई सीलबंद दस्तावेज सार्वजनिक किए गए हैं, जिन्हें ‘एपस्टीन फाइल्स’ कहा जा रहा है। इन दस्तावेजों में गवाहों के बयान, ईमेल और कई प्रभावशाली लोगों के नाम शामिल हैं, जिनमें बिल गेट्स और डोनाल्ड ट्रंप जैसी हस्तियां भी हैं।