इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर छत्तीसगढ़ (CG IGKV Paper Leak) का पेपर लीक मामले में पुलिस ने कम समय में बड़ा एक्शन लिया है और मास्टरमाइंड के साथ कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है, खास बात ये है कि इसका मास्टरमाइंड वही प्रोफ़ेसर निकला है जो यूनिवर्सिटी से पेपर लेकर गया था, उसने पेपर लीक करने का जो तरीका अपनाया वो हैरान करने वाला है।
20 अगस्त को विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक ने तेलीबांधा पुलिस थाने को सूचना दी कि उनके यहाँ होने वाला एंटोमोलॉजी (कीटविज्ञान) का पेपर लीक हो गया है इसकी जानकारी उन्हें मिली है, पेपर लीक की सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाने की संयुक्त टीम गठित की टीम, परीक्षा शुरू होने के दो घंटे पहले आई इस खबर ने पुलिस के कान खड़े कर दिए।
प्रोफ़ेसर ने किया पेपर लीक, गिरफ्तार
पुलिस ने 100 लोगों की टीम बनाकर पूछताछ शुरू की उन छात्रों का पता लगाया जिनके पास ये पेपर पहुंचा था, पुलिस ने उनसे पूछताछ की तो पुलिस चौंक गई क्योंकि छात्रों ने बताया कि दुर्ग स्थित भारती कृषि महाविद्यालय के प्रोफेसर से उन्होंने पेपर 11 हजार रुपये में ख़रीदा है, छात्रों से मिली लीड के बाद पुलिस प्रोफ़ेसर योगेश सोनकेसरिया तक पहुँच गई और जब उससे कड़ाई से पूछताछ की तो उसने बताया कि उसने ही छात्रों को पेपर बेचा था। अब जब पुलिस ने प्रोफ़ेसर से पूछताछ शुरू की तो पेपर लीक करने का तरीका जानकर हैरत रह गई।
पेपर लीक करने के लिए निकाला अद्भुत तरीका
डीसीपी (क्राइम) स्मृतिक राजनाला ने बताया कि प्रोफ़ेसर योगेश सोनकेसरिया की ड्यूटी विश्वविद्यालय से पेपर ले जाने की थी , वो पेपर लेकर गया और उसने पेपर के लिफाफे में एक छोटा सा छेद किया और उसमें इंडोस्कोपी करने वाला कैमरा डालकर एंटोमोलॉजी का पेपर स्कैन कर लिया और उसमें से 15 प्रश्न कॉपी कर छात्रों को बेच दिए, पुलिस ने इस मामले में मास्टर माइंड प्रोफ़ेसर योगेश सोनकेसरिया और पेपर खरीदने वाले पांच छात्रों को गिरफ्तार कर लिया है बताया जा रहा है कि अभी दो आरोपी फरार हैं।







