Hindi News

छत्तीसगढ़ में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए 10 फरवरी 2026 से बड़ा अभियान, 18 जिलों में 1.58 करोड़ लोगों को मुफ्त दवा खिलाने का लक्ष्य

Written by:Gaurav Sharma
Published:
छत्तीसगढ़ सरकार ने फाइलेरिया (हाथीपांव) को खत्म करने के लिए एक बड़ी पहल की है। 10 फरवरी 2026 से प्रदेश के 18 जिलों में सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम शुरू किया जाएगा, जिसके तहत स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर 1.58 करोड़ से अधिक लोगों को निःशुल्क दवा खिलाएंगे।
छत्तीसगढ़ में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए 10 फरवरी 2026 से बड़ा अभियान, 18 जिलों में 1.58 करोड़ लोगों को मुफ्त दवा खिलाने का लक्ष्य

रायपुर: छत्तीसगढ़ को फाइलेरिया (हाथीपांव) जैसी गंभीर बीमारी से मुक्त करने के संकल्प के साथ राज्य सरकार एक वृहद अभियान शुरू करने जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री ने घोषणा की है कि 10 फरवरी 2026 से प्रदेश के 18 फाइलेरिया प्रभावित जिलों में ‘सामूहिक दवा सेवन’ (MDA) कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस अभियान का लक्ष्य 1 करोड़ 58 लाख से अधिक की आबादी को कवर करना है, जिन्हें स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर दवा खिलाई जाएगी।

स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, फाइलेरिया एक मच्छर जनित संक्रमण है जो धीरे-धीरे शरीर में फैलता है और इसके लक्षण कई वर्षों बाद सामने आते हैं। यह बीमारी व्यक्ति को जीवन भर के लिए दिव्यांग बना सकती है और एक बार पूर्ण रूप से विकसित हो जाने पर इसका कोई इलाज संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि बचाव ही इसका एकमात्र उपाय है।

दो चरणों में दी जाएगी दवा

यह अभियान 10 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक प्रदेश के 65 विकासखंडों में चलाया जाएगा। इसे दो अलग-अलग दवा रणनीतियों के साथ लागू किया जाएगा:

आईडीए (तीन दवाएं): 15 जिलों में लाभार्थियों को तीन दवाओं- आईवरमेक्टिन, डीईसी और एल्बेंडाजोल (IDA)- का सेवन कराया जाएगा। ये जिले हैं- रायपुर (शहरी सहित), गरियाबंद, बलौदाबाजार, महासमुंद, बिलासपुर (शहरी सहित), मुंगेली, गौरेला–पेंड्रा-मरवाही, जांजगीर-चांपा, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सरगुजा (शहरी सहित), सूरजपुर, जशपुर, बालोद और रायगढ़ (शहरी सहित)।

डीए (दो दवाएं): वहीं, 3 जिलों- बस्तर (जगदलपुर), राजनांदगांव और खैरागढ़-छुईखदान–गंडई- में दो दवाओं डीईसी और एल्बेंडाजोल (DA) का सेवन कराया जाएगा।

दवा पूरी तरह सुरक्षित, खाली पेट न लें

स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदेशवासियों से इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और इनका सेवन स्वास्थ्य कर्मियों के सामने ही करना है।

“फाइलेरिया से बचाव संभव है और इसके लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक है। सभी पात्र नागरिक दवा का सेवन कर प्रदेश को फाइलेरिया मुक्त बनाने में अपना योगदान दें।”- स्वास्थ्य मंत्री

हालांकि, कुछ सावधानियां बरतना जरूरी है। यह दवा 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को नहीं दी जाएगी। साथ ही, सभी को यह सुनिश्चित करना होगा कि दवा का सेवन खाली पेट न किया जाए। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर और निर्धारित बूथों पर यह दवा मुफ्त उपलब्ध कराएंगी।