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राजनांदगांव में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम साय, खोला घोषणाओं का पिटारा, अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी

Written by:Ankita Chourdia
Published:
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजनांदगांव में सुशासन तिहार के दौरान करोड़ों के विकास कार्यों की घोषणा कर क्षेत्र को नई गति दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों की समस्याओं को भी गंभीरता से सुना और अधिकारियों को समस्याओं के निपटारे के निर्देश भी दिए।
राजनांदगांव में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम साय, खोला घोषणाओं का पिटारा, अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी

छत्तीसगढ़ में विकास और सुशासन की नई इबारत लिखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार को राजनांदगांव का दौरा किया। यह दौरा राजनांदगांव शहर के मोतीपुर स्कूल मैदान में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ कार्यक्रम के तहत किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जनता से सीधा संवाद स्थापित करना और उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करना था। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विभिन्न विकास कार्यों की घोषणाएं कर क्षेत्र के लोगों को बड़ी सौगातें दीं, जिससे स्थानीय जनता में हर्ष का माहौल देखा गया।

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, राजनांदगांव के सांसद संतोष पांडे सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि और क्षेत्र के नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर इस जनहितैषी पहल का समर्थन किया और मुख्यमंत्री के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे। कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया, जो यह दर्शाता है कि जनता में सुशासन के प्रति कितनी उम्मीदें हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जनसंवाद के माध्यम से लोगों की अपेक्षाओं को समझने का प्रयास किया।

मुख्यमंत्री साय ने सुनी लोगों की समस्याएं

कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘सुशासन तिहार’ के मंच से लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने एक-एक करके लोगों की फरियादें सुनीं और उनके निराकरण के लिए तत्काल आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। वही प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यही नहीं, मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के हितग्राहियों से भी सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने खास तौर पर ‘महतारी वंदन योजना’ और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से उनके अनुभवों और प्राप्त लाभ के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। यह प्रयास सरकार की योजनाओं  को जमीनी स्तर पर परखने और उनमें और सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था, जिससे योजनाओं का लाभ वास्तविक हकदारों तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों की घोषणा की

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राजनांदगांव जिले के लिए कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों की घोषणा की। इनमें सबसे प्रमुख घोषणाओं में से एक डोंगरगढ़ में 15 कमरों के अत्याधुनिक सर्किट हाउस का निर्माण था। यह सर्किट हाउस न केवल पर्यटकों बल्कि शासकीय कार्यों से आने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी सुविधा प्रदान करेगा। वही चिखली में एक आधुनिक हॉकी मैदान बनाने की भी घोषणा की गई, जिससे क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को निखरने का अवसर मिलेगा और युवा पीढ़ी को खेलों के प्रति प्रोत्साहन मिलेगा। इन घोषणाओं से खेल और पर्यटन दोनों क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा।

इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने जनपद पंचायत राजनांदगांव के लिए एक नवीन और भव्य भवन के निर्माण की भी घोषणा की। यह नया भवन स्थानीय प्रशासनिक कार्यों को सुचारु रूप से चलाने में सहायक होगा और जनता को बेहतर सेवाएं प्रदान करने में मदद करेगा। इन सभी घोषणाओं के साथ ही, मुख्यमंत्री ने अन्य निर्माण कार्यों के लिए करोड़ों रुपये आवंटित करने का भी ऐलान किया। ये सभी घोषणाएं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंच से सीधे जनता से संवाद करते हुए कीं, जिससे जनता में सरकार के प्रति विश्वास और बढ़ा। इन विकास कार्यों से निश्चित रूप से क्षेत्र के चहुंमुखी विकास को एक नई गति प्राप्त होगी और लोगों का जीवन स्तर बेहतर होगा।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की गरिमामयी उपस्थिति ने भी इस आयोजन को विशेष महत्व प्रदान किया। सांसद संतोष पांडे भी इस दौरान सक्रिय रूप से कार्यक्रम में शामिल रहे और जनता से संवाद किया। बड़ी संख्या में अन्य जनप्रतिनिधि और क्षेत्रवासी इस ऐतिहासिक क्षण के गवाह बने। कार्यक्रम के समापन के बाद, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को झालमुड़ी का आनंद लेते हुए देखा गया। यह दृश्य उनकी सादगी और जनता से सीधे जुड़ने के उनके प्रयास को दर्शाता है। यह कार्यक्रम वास्तव में लोगों से सीधा और आत्मीय संबंध स्थापित करने का एक सफल प्रयास था, जिसने सुशासन की अवधारणा को मजबूत किया और जनता के बीच सरकार की छवि को और भी निखारा।

Ankita Chourdia
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