मई में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की कार्रवाई जारी है। महाराष्ट्र में स्थित दो बैंकों के खिलाफ सख्त कदम उठाया गया है। नियमों का सही से अनुपालन न होने पर पेनल्टी लगाई है। इस एक्शन की जानकारी आरबीआई ने 4 मई को प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी है। मुंबई में स्थित मोगावीरा को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर 20,000 रुपये की पेनल्टी लगाई है। पंढरपुर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड महाराष्ट्र पर 20,0000 रुपये की पेनल्टी सेंट्रल बैंक ने लगाई है।
31 मार्च 2025 तक बैंकों के वित्तीय स्थिति के संदर्भ में आरबीआई ने संवैधानिक निरीक्षण किया था। इस दौरान निर्देशों का सही से अनुपालन न होने का पता चला। जिसके बाद दोनों ही बैंकों को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया। नोटिस पर मिले जवाब और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान दिए गए मौखिक स्पष्टीकरणों के आधार पर सभी आरोप सही पाए गए। इसके बाद पेनल्टी लगाने का फैसला लिया गया।
ये है वजह
मोगावीरा को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ने कई अवसरों पर शेयर पूंजी वापस कर दी थी। जबकि उसका CRAR विनियामक न्यूनतम सीमा से कम था। ऐसे में आरबीआई द्वारा जारी “पूंजी पर्याप्तता पर विवेकपूर्ण मानदंड प्राथमिक (शहरी) सहकारी बैंक” के संबंध में जारी किए गए निर्देशों का उल्लंघन हुआ।
पंढरपुर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ने कुछ उधारकर्ताओं को उनके मौजूदा गैर निष्पादित ऋणों (NLPs) के पुनर्भुगतान के लिए अतिरिक्त ऋण सुविधा स्वीकृत की थी। आरबीआई ने पेनल्टी बैंकिंग विनियमन एक्ट 1949 के विभिन्न प्रवधानों के तहत उठाया है।
ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा असर
आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि इस कार्रवाई का असर बैंक और ग्राहकों के बीच हो रहे किसी भी लेन देन या समझौते की वैधता पर नहीं पड़ेगा। ग्राहक पहले की तरह सभी सेवाओं का लाभ उठा पाएंगे। इस पेनल्टी का असर बैंक के खिलाफ आरबीआई द्वारा की जाने वाली किसी भी अन्य कार्रवाई पर भी नहीं पड़ेगा।






