पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों ने देश के सियासी गलियारों में भले ही नई बहस छेड़ी हो, लेकिन इसी बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सीधे चुनौती देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि पंजाब में उनके मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे। बंगाल में भाजपा ने जो कुछ भी हासिल किया हो, मान ने दो टूक शब्दों में कहा कि पंजाब में ऐसा करने की भाजपा सोचे भी नहीं।
मुख्यमंत्री मान ने अपनी माटी का मान रखते हुए ललकारा, “हम पंजाब के लोग हैं और हम पंजाबी हैं। हम जहां एक बार अड़ जाते हैं, वहीं खड़े हो जाते हैं।” यह कहकर उन्होंने भाजपा को पंजाब की दृढ़ता और स्वाभिमान का संदेश दिया। उन्होंने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भगवा दल ने पंजाब को पहले ही बहुत नुकसान पहुंचाया है। मुख्यमंत्री ने केंद्र पर पंजाब के ग्रामीण विकास निधि (आरडीएफ) का पैसा रोकने का आरोप लगाया, जिससे राज्य के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
मान ने किसान आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले 700 से अधिक किसानों का भी जिक्र किया, जिसकी जिम्मेदारी उन्होंने भाजपा पर डाली। मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ को हथियाने की भाजपा की कथित कोशिशों और भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) पर भी भाजपा के ‘हल्ले’ को पंजाब के हितों पर हमला बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब के संसाधनों और पहचान पर किसी भी तरह की आंच बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भगवंत मान ने भाजपा के सपने को बताया ‘शेखचिल्ली के सपने’ जैसा
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भाजपा के पंजाब जीतने के सपनों को ‘शेखचिल्ली के सपने’ जैसा करार दिया। उन्होंने साफ कहा कि यह पंजाब किसानों और योद्धाओं की धरती है, जहां के लोग ऐसे किसी झांसे में नहीं आते। उन्होंने पंजाबियों की राजनीतिक समझ और सूझबूझ की तारीफ करते हुए कहा कि वे अपने मत का इस्तेमाल बेहद सोच-समझकर करते हैं। यह भूमि किसी भी बाहरी ताकत के बहकावे में आने वाली नहीं है, और यहां की जनता किसी भी सियासी चालबाजी को भांपने में सक्षम है।
पंजाब का सियासी मैदान आसान नहीं: मुख्यमंत्री मान
मुख्यमंत्री ने भाजपा को आगाह करते हुए कहा कि लोकसभा में उनके पास शून्य सीटें हैं, जबकि विधानसभा में सिर्फ दो सीटें। ऐसे में भाजपा को यह भूल जाना चाहिए कि वह पंजाब में ‘SIR’ और नकली वोट बढ़ाकर असली वोटों को काट पाएगी। मान ने स्पष्ट किया कि पंजाब में ऐसा कुछ नहीं होता है और यहां की जनता इतनी भोली नहीं है कि उनके मंसूबों को सफल होने दे। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पंजाब का सियासी मैदान इतना आसान नहीं है जितना भाजपा समझ रही है।
इसी बीच, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों पर भी सबकी निगाहें टिकी थीं। सोमवार (04 मई) शाम पांच बजकर चालीस मिनट तक चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, भाजपा 182 सीटों पर बढ़त बनाए हुए थी, जबकि 20 सीटों पर उसे जीत हासिल हो चुकी थी। दूसरी ओर, ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस 77 सीटों पर आगे थी और 8 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी थी। कांग्रेस को 2, AJUP को 2, सीपीआई (एम) 1 और AISF को एक सीट पर बढ़त मिली हुई थी। राज्य की 294 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 148 है, जिसके लिए सियासी दलों में कांटे की टक्कर जारी थी।





