रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने लोन माफी के नाम पर हो रहे ठगी को लेकर चिंता व्यक्त की है। जनता को ऐसे झूठे और गुमराह करने वाले अभियानों से आगाह किया है, सतर्क रहने की सलाह दी गई है। आरबीआई ने अपने बयान में बताया कि कुछ व्यक्तियों और संस्थाओं द्वारा विभिन्न मीडिया माध्यम और सीधे संपर्क के जरिए ऐसे अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं।
आरबीआई ने बताया कि ऐसे अभियानों के कारण जनता गुमराह होती है। लोन सिस्टम के सुचारू कामकाज में भी बाधा उत्पन्न होती है। इससे पहले भी सेंट्रल बैंक इन मामलों को लेकर चेतावनी जारी कर चुका है। जनता को इन बातों का भरोसा करने की बजाय शिकायत करने की सलाह दी गई है।
इन तरीकों से होती है धोखाधड़ी
केंद्रीय बैंक ने बताया कि इन फर्जी अभियानों में ठगी को अंजाम देने के लिए कई तरीके अपनाए जा रहे हैं। इसमें बैंक/ गैर बैंकिंग कंपनियों के बकाया ऋणों की माफी के झूठे वादे, ऋण माफी प्रमाण पत्र या इस तरह के अन्य दस्तावेज जारी करने और अनजान जनता से सेवा शुल्क या कानूनी शुल्क समेत विभिन्न बहानों के नाम पर फीस वसूलना जैसे मामले शामिल हैं।
रिजर्व बैंक में स्पष्ट किया है कि ऐसे व्यक्तियों और संस्थाओं द्वारा भरोसा करने के बजाय उचित कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इस बात पर भी जोर दिया है कि ऐसी गतिविधियां संस्थाओं की वित्तीय स्थिति को कमजोर करती है। जमा कर्ताओं की हितों को प्रभावित करती है। लेनदेन करने से सीधे तौर पर वित्तीय नुकसान होता है।
आम जनता क्या करें?
आरबीआई ने जनता से अनुरोध किया है कि वह ऐसे व्यक्ति और संस्थाओं से जुड़ने या उनकी सेवाएं लेने के बजाय अपने लोन से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए संबंधित बैंक या एनबीएफसी से संपर्क करें। इसके अलावा ऐसे किसी भी गुमराह करने वाले अभियान की सूचना तुरंत उचित कानून प्रवर्तन एजेंसियों को देने की सलाह दी है।
PR1990ABCBB34701F4EA4AD8CDE56C23428E9





