रायपुर नगर निगम में लंबे समय से चल रहे नेता प्रतिपक्ष के विवाद का आज समाधान होने की उम्मीद है। गुरुवार शाम 4 बजे कांग्रेस के सात पार्षद निगम सभापति के समक्ष अपनी राय देंगे, जिसके आधार पर सभापति यह तय करेंगे कि संदीप साहू या आकाश तिवारी में से कौन नेता प्रतिपक्ष बनेगा। नगर निगम चुनाव के बाद कांग्रेस ने पहले संदीप साहू को नेता प्रतिपक्ष घोषित किया था, लेकिन बाद में प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आकाश तिवारी के नाम की घोषणा की, जिससे विवाद शुरू हुआ।
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विवाद की शुरुआत तब हुई जब 11 फरवरी को हुए नगर निगम चुनाव में बीजेपी ने 60, कांग्रेस ने 7 और 3 निर्दलीय पार्षद जीते। 18 मार्च को संदीप साहू को नेता प्रतिपक्ष बनाया गया और निगम ने उनके नाम की आधिकारिक घोषणा भी कर दी। लेकिन 17 अप्रैल को पीसीसी ने आकाश तिवारी को नेता प्रतिपक्ष नियुक्त किया, जो पहले कांग्रेस से बागी होकर निर्दलीय चुनाव जीते थे और बाद में पार्टी में शामिल हुए। इस फैसले से नाराज होकर कांग्रेस के पांच पार्षदों (संदीप साहू, रोनित प्रकाश जगत, दीप मनीराम साहू, रेणु जयंत साहू और जयश्री नायक) ने इस्तीफा दे दिया था।
फैसले पर जताई आपत्ति
संदीप साहू ने इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए कहा कि उनकी लड़ाई कांग्रेस के लिए ही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर पार्टी बागी उम्मीदवार को इनाम के रूप में पद देती है, तो यह विधानसभा और लोकसभा चुनावों में भी गलत उदाहरण स्थापित करेगा। वहीं, आकाश तिवारी ने कहा कि वे पार्टी के फैसले का सम्मान करेंगे। जिला कांग्रेस अध्यक्ष गिरीश दुबे ने स्पष्ट किया कि पीसीसी ने आकाश तिवारी को नेता प्रतिपक्ष बनाने का निर्णय लिया है और उसी के अनुसार सभापति को पत्र लिखा गया है।
सभी कांग्रेस पार्षदों को बुलाया
महापौर मीनल चौबे ने कहा कि सभापति ने सभी कांग्रेस पार्षदों को बुलाया है और चर्चा के बाद नेता प्रतिपक्ष की घोषणा होगी। सभापति सूर्यकांत राठौर ने बताया कि पार्षदों के अभिमत के आधार पर ही अंतिम फैसला लिया जाएगा। यह निर्णय न केवल रायपुर नगर निगम की राजनीति को प्रभावित करेगा, बल्कि कांग्रेस पार्टी के आंतरिक समीकरणों को भी स्पष्ट करेगा।