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छत्तीसगढ़ डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कवर्धा में स्वदेशी मेला का किया शुभारंभ, बोले- स्थानीय उत्पादों से मजबूत होगी देश की अर्थव्यवस्था

Written by:Gaurav Sharma
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छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कवर्धा के पीजी कॉलेज मैदान में स्वदेशी मेला का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और लोगों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। शर्मा ने जोर दिया कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए समाज को स्वदेशी अपनाना होगा, केवल सरकार से यह संभव नहीं है।
छत्तीसगढ़ डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कवर्धा में स्वदेशी मेला का किया शुभारंभ, बोले- स्थानीय उत्पादों से मजबूत होगी देश की अर्थव्यवस्था

कवर्धा: छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कवर्धा में पीजी कॉलेज मैदान में स्वदेशी मेला का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। उन्होंने साफ कहा कि यह मेला स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और लोगों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बहुत ही महत्वपूर्ण पहल है। मेले में लगे सभी स्टॉल केवल भारत में निर्मित उत्पादों के हैं, जो देश की स्वदेशी भावना और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को मजबूत करते हैं। इस दौरान उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आर्थिक मजबूती के लिए स्थानीय उत्पादों का उपयोग बेहद जरूरी है।

विजय शर्मा ने अपने संबोधन में बताया कि भारत की जनसंख्या बहुत बड़ी है और इसी के हिसाब से हमारा बाजार भी दुनिया के सबसे बड़े बाजारों में से एक है। उन्होंने कहा, “यदि हम अपने ही विशाल बाजार का सही तरीके से उपयोग करें, अपने ही देश में बने सामान को प्राथमिकता दें, तो हम अपनी व्यक्तिगत आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकते हैं और साथ ही पूरे देश की अर्थव्यवस्था को भी नई ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि यह काम केवल सरकार के प्रयासों से ही संभव नहीं है, बल्कि इसमें पूरे समाज की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।

उपमुख्यमंत्री ने स्वदेशी अपनाने पर दिया जोर

उपमुख्यमंत्री ने आगे कहा कि समाज एक बहुत बड़ी और संगठित ताकत है। उन्होंने कहा, “अगर लोगों में स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का भाव गहराई से जागृत हो जाए, तो बड़े और सकारात्मक परिवर्तन देखना संभव है।” उन्होंने इस बात को समझाने के लिए जापान जैसे विकसित देशों का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि जापान जैसे देश के लोग अपने ही देश में निर्मित वस्तुओं का उपयोग बड़े गर्व और प्राथमिकता के साथ करते हैं, जिससे उनकी राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था निरंतर मजबूत बनी रहती है। इसी प्रकार, हमें भी अपने देश में बने उत्पादों का अधिक से अधिक उपयोग करके अपनी अर्थव्यवस्था को सहारा देना चाहिए। उनका यह संदेश लोगों में स्वदेशी के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक सीधा और प्रभावी तरीका था।

विजय शर्मा ने स्थानीय उत्पादों की जानकारी ली

मेले के उद्घाटन के बाद, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने विभिन्न स्टॉलों का भ्रमण किया। उन्होंने एक-एक करके हर स्टॉल पर रुककर वहां प्रदर्शित किए गए स्थानीय उत्पादों की जानकारी ली। उन्होंने उन उत्पादों के निर्माण की प्रक्रिया, उनमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री और उनकी खासियतों के बारे में विस्तार से पूछा। इस दौरान उन्होंने स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों से सीधी बातचीत भी की, उनकी मेहनत और नवाचार की सराहना की। उनके इस भ्रमण से कारीगरों का भी उत्साह बढ़ा और उन्हें अपने उत्पादों को बड़े मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर मिला। यह मेला आने वाले गुरुवार तक आम जनता के लिए खुला रहेगा।

मनोरंजन और प्रतियोगिताओं से गुलजार मेला

स्वदेशी मेला केवल खरीदारी का मंच नहीं है, बल्कि यह मनोरंजन और सांस्कृतिक गतिविधियों का भी केंद्र बन गया है। मेले के शुभारंभ अवसर पर बॉलीवुड की मशहूर गायिका ऐश्वर्या पंडित ने अपनी शानदार और मधुर प्रस्तुति दी। उन्होंने हिंदी के कई लोकप्रिय गीतों को गाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी आवाज और संगीत ने पूरे वातावरण को संगीतमय बना दिया, जिससे वहां मौजूद लोग झूमने को मजबूर हो गए। यह एक ऐसा पल था जिसने मेले की शुरुआत को और भी यादगार बना दिया।

मेले के दौरान सिर्फ संगीत ही नहीं, बल्कि विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जा रहा है। इन प्रतियोगिताओं में युवा, महिलाएं और बच्चों ने बड़े ही उत्साहपूर्ण तरीके से भाग लिया है। विशेष रूप से बच्चों और महिलाओं के लिए आयोजित की गई प्रतियोगिताएं उन्हें अपनी छिपी हुई प्रतिभाओं को दिखाने का एक बेहतरीन मंच प्रदान कर रही हैं। इन आयोजनों से न केवल प्रतिभागियों का आत्मविश्वास बढ़ रहा है, बल्कि उन्हें अपनी कला और संस्कृति को एक बड़े समुदाय के सामने प्रस्तुत करने का अवसर भी मिल रहा है।

यह आयोजन स्थानीय कला और संस्कृति को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभा रहा है। मेले में प्रदर्शित पारंपरिक हस्तशिल्प और कलाकृतियां लोगों को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ रही हैं। इसके साथ ही, यह समाज में स्वदेशी उत्पादों और ‘लोकल फॉर वोकल’ की भावना के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक प्रभावी माध्यम भी बन रहा है। कुल मिलाकर, यह मेला सिर्फ व्यापारिक गतिविधि नहीं, बल्कि एक सामाजिक और सांस्कृतिक उत्सव है जो आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय गौरव की भावना को मजबूत कर रहा है।

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