छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में मां महामाया एयरपोर्ट से दिल्ली और कोलकाता के लिए सीधी हवाई सेवा सोमवार को शुरू हो गई। यह सरगुजा संभाग के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, जिससे क्षेत्र में हवाई कनेक्टिविटी की पुरानी मांग पूरी हुई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इन उड़ानों का वर्चुअली उद्घाटन किया, जबकि दरिमा स्थित मां महामाया एयरपोर्ट पर स्थानीय सांसद चिंतामणि ने फ्लाइट को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस नई सेवा से अंबिकापुर और आसपास के लोगों में काफी उत्साह है, जो अब देश के दो बड़े महानगरों से सीधे जुड़ गए हैं।
अंबिकापुर का दरिमा एयरपोर्ट कोई नया हवाई अड्डा नहीं है। इसका निर्माण सबसे पहले 1950 में हुआ था, जो क्षेत्र के इतिहास का एक हिस्सा है। समय के साथ, इस एयरपोर्ट को लगातार अपग्रेड किया गया है। खासकर, साल 2021 में इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस करते हुए इस तरह विकसित किया गया कि यहां 72 सीटों वाले विमान भी आसानी से उड़ान भर सकें और उतर सकें। यह क्षमता विस्तार सरगुजा क्षेत्र को हवाई नक्शे पर लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था, जिसका लाभ अब इन सीधी उड़ानों के रूप में मिल रहा है।
अंबिकापुर से दिल्ली-कोलकाता के लिए कितना रहेगा किराया?
नई शुरू हुई फ्लाइट सेवाओं के तहत, अंबिकापुर से दिल्ली के लिए हफ्ते में दो उड़ानें और कोलकाता के लिए भी हफ्ते में दो उड़ानें उपलब्ध होंगी। इन दोनों रूट की एक खास बात यह है कि बिलासपुर में एक स्टॉप भी होगा, जिससे बिलासपुर के यात्रियों को भी इन उड़ानों का लाभ मिल सकेगा। किराए की बात करें तो अंबिकापुर से दिल्ली की फ्लाइट का किराया लगभग 6500 रुपए रखा गया है, जबकि कोलकाता के लिए यह करीब 6000 रुपए होगा। कोलकाता के लिए सीधी उड़ानें 2 अप्रैल से शुरू होंगी और यह हर गुरुवार और शनिवार को संचालित की जाएंगी।
इस नई सुविधा के शुरू होने से अंबिकापुर और पूरे सरगुजा संभाग के लोगों में काफी उत्साह है। यह इलाका मुख्य रूप से आदिवासी बहुल है और यहां के लोग लंबे समय से बेहतर हवाई कनेक्टिविटी की मांग कर रहे थे। लोगों का कहना है कि अब उन्हें लंबी और थकाऊ सड़क यात्राओं से राहत मिलेगी। इससे उनका समय बचेगा और शारीरिक थकान भी कम होगी। हवाई संपर्क बढ़ने से व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी खुलने की उम्मीद है, जिससे क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
फ्लाइट के टाइम टेबल की जानकारी
फ्लाइट के टाइम टेबल की विस्तृत जानकारी भी जारी की गई है। सोमवार को दिल्ली से फ्लाइट सुबह 7:50 बजे रवाना होगी और 10:25 बजे बिलासपुर पहुंचेगी। वहां से यह 11:40 बजे अंबिकापुर पहुंचेगी। वापसी में, यह फ्लाइट दोपहर 12:05 बजे अंबिकापुर से उड़ान भरकर करीब 2:35 बजे दिल्ली पहुंच जाएगी। बुधवार को भी इसी तरह का शेड्यूल रहेगा, हालांकि रूट में थोड़ा बदलाव होगा। बुधवार को उड़ान दिल्ली से सुबह 7:50 बजे रवाना होकर अंबिकापुर सुबह 10:25 बजे पहुंचेगी, फिर सुबह 10:50 बजे बिलासपुर के लिए उड़ान भरेगी और अंत में दोपहर 2:50 बजे दिल्ली वापस आ जाएगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस मौके पर राज्य की हवाई कनेक्टिविटी को लेकर भविष्य की योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अंबिकापुर से कोलकाता के अलावा आने वाले समय में उत्तर प्रदेश के दो प्रमुख धार्मिक स्थलों अयोध्या और वाराणसी के लिए भी सीधी फ्लाइट सेवा शुरू करने की योजना है। सीएम साय ने बताया कि राज्य सरकार जगदलपुर, रायगढ़ और अन्य छोटे शहरों के एयरपोर्ट को भी और विकसित करने पर काम कर रही है, ताकि पूरे छत्तीसगढ़ में एक बेहतर और मजबूत हवाई नेटवर्क तैयार हो सके। उन्होंने यह भी बताया कि रायपुर हवाई अड्डे पर जल्द ही एक कार्गो हवाई अड्डा भी बनेगा, जिसके लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। यह कदम राज्य में माल ढुलाई और व्यापार को बढ़ावा देने में अहम साबित होगा।
मां महामाया एयरपोर्ट का वर्चुअल उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 अक्टूबर 2024 को किया था। यह एयरपोर्ट लगभग 365 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैला है और इसके विकास पर करीब 80 करोड़ रुपए की लागत आई है। इस एयरपोर्ट से हवाई सेवाओं की शुरुआत सरगुजा क्षेत्र के विकास को नई रफ्तार देने की उम्मीद है। यह न केवल लोगों को आवागमन में सुविधा देगा, बल्कि क्षेत्र में निवेश और पर्यटन को भी आकर्षित करेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट पर रात में उड़ान संचालन शुरू
छत्तीसगढ़ में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। रविवार को मुख्यमंत्री साय ने बिलासपुर के बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट पर नाइट फ्लाइट ऑपरेशन की भी शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने खुद बिलासपुर से रायपुर तक की पहली नाइट फ्लाइट में सफर किया। यह सुविधा बिलासपुर के लिए काफी अहम है, क्योंकि डीजीसीए ने 6 फरवरी को ही इस एयरपोर्ट को रात में उड़ान भरने और उतरने की अनुमति दी थी। रात में उड़ानों का संचालन शुरू होने से हवाई सेवाओं की उपलब्धता और बढ़ गई है।
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि नाइट फ्लाइट शुरू होने से अब आपातकालीन और मेडिकल सेवाएं भी रात में आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी, जो पहले एक बड़ी चुनौती थी। इसके अलावा, नाइट फ्लाइट ऑपरेशन से व्यापार, निवेश और पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। रात भर हवाई कनेक्टिविटी उपलब्ध होने से व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी, निवेशक आकर्षित होंगे और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि यात्री अब दिन या रात किसी भी समय यात्रा कर सकेंगे। यह छत्तीसगढ़ के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए एक सकारात्मक कदम है।






