छत्तीसगढ़ में खेल महाकुंभ की तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रदेश को पहली बार खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स की मेजबानी का अवसर मिला है, जिसमें देशभर के जनजातीय खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन में 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से करीब तीन हजार खिलाड़ी शिरकत करेंगे, जो सात अलग-अलग खेलों में अपनी दावेदारी पेश करेंगे।
यह आयोजन छत्तीसगढ़ के तीन प्रमुख संभागीय मुख्यालयों- रायपुर, जगदलपुर (बस्तर) और अंबिकापुर (सरगुजा) में किया जाएगा। आयोजन की भव्यता को देखते हुए तीनों शहरों में चिन्हित खेल मैदानों और परिसरों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार तैयार करने का काम जोर-शोर से चल रहा है। इस गेम्स की खास बात यह है कि इसमें देश के दो परंपरागत खेलों कबड्डी और मलखंब को भी डेमो गेम्स के रूप में शामिल किया गया है, ताकि इन खेलों को राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा मिल सके।
मेजबान छत्तीसगढ़ के 164 खिलाड़ी दिखाएंगे दम
इस राष्ट्रीय आयोजन में मेजबान छत्तीसगढ़ की ओर से एक मजबूत दल हिस्सा ले रहा है। प्रदेश के कुल 164 खिलाड़ी इन खेलों में अपनी चुनौती पेश करेंगे। इस दल में 86 पुरुष और 78 महिला खिलाड़ी शामिल हैं, जो विभिन्न स्पर्धाओं में पदक के लिए जोर लगाएंगे।
जानें किस शहर में होंगे कौन से खेल
खेलों का आयोजन तीन अलग-अलग शहरों में किया गया है, ताकि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के खेल प्रेमी इसका हिस्सा बन सकें।
रायपुर: राजधानी में पांच खेलों की प्रतियोगिताएं होंगी।
- फुटबॉल: पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय फुटबॉल मैदान और स्वामी विवेकानंद एथलेटिक्स स्टेडियम, कोटा।
- हॉकी: सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम।
- तैराकी: अंतरराष्ट्रीय स्वीमिंग पूल।
- तीरंदाजी: खेल एवं युवा कल्याण विभाग संचालनालय का ओपन मैदान।
- वेट-लिफ्टिंग: पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय ओपन ग्राउंड।
- कबड्डी (डेमो): सरदार बलबीर सिंह इंडोर स्टेडियम।
जगदलपुर: बस्तर संभाग के मुख्यालय में एथलेटिक्स की स्पर्धाएं होंगी। इसके लिए धरमपुरा क्रीड़ा परिसर को तैयार किया गया है।
अंबिकापुर: सरगुजा संभाग के इस प्रमुख शहर में दो खेलों का आयोजन होगा। गांधी स्टेडियम में कुश्ती की प्रतियोगिताएं होंगी, जबकि यहीं पर पारंपरिक खेल मलखंब का भी प्रदर्शन किया जाएगा।





