रायपुर. छत्तीसगढ़ में ‘सुशासन’ की सरकार पर ‘सूखे नशे’ के कारोबार को संरक्षण देने के आरोप लग रहे हैं। दुर्ग में BJP नेता के खेत में अफीम मिलने का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि मंगलवार को बलरामपुर के त्रिपुरी इलाके में पांच एकड़ में फैली अफीम की अवैध फसल ने सियासी भूचाल ला दिया है। कांग्रेस ने इसे लेकर BJP सरकार को घेर लिया है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर सीधा और तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा, “मैंने पहले ही कहा था कि दुर्ग तो सिर्फ शुरुआत है। यह खेल बड़ा है। अफीम सहित सूखे नशे का कारोबार सुनियोजित तरीके से मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के संरक्षण में चल रहा है।”
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बघेल का सीधा हमला: गृहमंत्री बर्खास्त हों, BJP ‘पार्टनर इन क्राइम’
भूपेश बघेल ने गृहमंत्री विजय शर्मा के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि बलरामपुर में जिस गांव में अफीम मिली, वहां के सरपंच ने जनवरी में ही पुलिस को सूचना दे दी थी। फिर भी कार्रवाई क्यों नहीं हुई? बघेल ने सवाल उठाया, “जिस तरीके से दुर्ग में भाजपा नेता को मुख्य आरोपी नहीं बनाया गया और बलरामपुर में सूचना के बाद भी पुलिस सोती रही, इससे साफ है कि यह नेटवर्क सरकार के संरक्षण में है।”
उन्होंने आगे कहा, “अगर सरकार के मुखिया में जरा भी नैतिकता है तो ऐसे गृहमंत्री को तुरंत बर्खास्त करें। वरना ‘सुशासन’ की आड़ में खेला जा रहा यह खेल साबित करता है कि पूरी सरकार और भाजपा ही इस कारोबार की “पार्टनर इन क्राइम” है।” बघेल ने तंज कसते हुए कहा कि अब लगता है “सूखा नशा ही सुशासन है”।
आदिवासी की जमीन, झारखंड का सौदागर
प्रशासनिक अमला जब बलरामपुर के घोसरा गांव पहुंचा तो अधिकारी भी हैरान रह गए। पांच एकड़ जमीन पर अफीम की फसल लहलहा रही थी। शुरुआती जांच में पता चला है कि एक स्थानीय आदिवासी की जमीन को लीज पर लेकर झारखंड का कोई व्यक्ति यह अवैध खेती करवा रहा था। पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर ही फसल को नष्ट करना शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद दोषियों पर NDPS एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई होगी।
“सरकार नशे के सौदागरों को बचा रही”
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि बिना सरकारी संरक्षण के छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में कोई अफीम की खेती करने की हिम्मत नहीं कर सकता। उन्होंने कहा, “दुर्ग में भाजपा नेता को तीसरे नंबर का आरोपी बनाना ही यह साबित करता है कि सरकार उसे बचाने की कोशिश कर रही है।”
शुक्ला ने यह भी कहा कि भाजपा राज में छत्तीसगढ़ नशे के मामले में पंजाब और गुजरात को पीछे छोड़ चुका है। उन्होंने सवाल किया, “जब पाकिस्तान से ड्रग्स रायपुर तक पकड़ी गई थी, तो यह किसके संरक्षण में आ रही थी? दो साल में ही प्रदेश फिर से नशे की गिरफ्त में क्यों आ गया?”