छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले से एक ऐसी शादी की तस्वीर सामने आई है, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। जहां आजकल शादियों में लग्जरी कारों के लंबे काफिले, लाखों का खर्च और दिखावा आम बात बन चुका है, वहीं एक पुलिस जवान ने सादगी और भारतीय परंपरा की ऐसी मिसाल पेश की जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है।
दरअसल, नारायणपुर जिले के डुमरतराई गांव में पुलिस आरक्षक कुबेर देहारी ने अपनी शादी को खास अंदाज में यादगार बनाया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने और सादगी अपनाने की अपील से प्रेरित होकर अपनी बारात बैलगाड़ियों से निकाली। यह अनोखी बारात अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है और लोग इसे भारतीय संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और सादगी का शानदार उदाहरण बता रहे हैं।
बैलगाड़ियों से निकली अनोखी बारात ने खींचा सबका ध्यान
12 मई को आयोजित इस शादी में जब गांव की सड़कों पर बैलगाड़ियों से बारात निकली, तो हर कोई उसे देखने के लिए रुक गया। आमतौर पर लोग शादी में बड़ी-बड़ी गाड़ियों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इस बारात में पुराने समय की झलक दिखाई दी।
दरअसल, पुलिस जवान कुबेर देहारी ने शादी में आधुनिक वाहनों के बजाय पारंपरिक बैलगाड़ियों को चुना। करीब एक किलोमीटर लंबी यह बारात गांव की गलियों से गुजरते हुए दुल्हन के घर पहुंची। बारात में शामिल लोग ढोल-नगाड़ों के साथ खुशी से झूमते नजर आए।
गांव के बुजुर्गों का कहना है कि उन्होंने वर्षों बाद ऐसी पारंपरिक बारात देखी है। कई लोगों को अपने पुराने दिन याद आ गए, जब गांवों में इसी तरह बैलगाड़ियों से बारात निकाली जाती थी।
PM मोदी की अपील से प्रेरित होकर लिया फैसला
पुलिस जवान कुबेर देहारी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने और मितव्ययता अपनाने की अपील ने उन्हें काफी प्रभावित किया। दरअसल, हाल ही में प्रधानमंत्री ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, कारपूलिंग अपनाने और अनावश्यक खर्च से बचने की बात कही थी। इसी संदेश को ध्यान में रखते हुए कुबेर ने अपनी शादी को सादगी से करने का फैसला लिया।
उन्होंने कहा कि देशहित में हर नागरिक को अपने स्तर पर योगदान देना चाहिए। अगर हम छोटी-छोटी चीजों में बदलाव करें, तो इससे पर्यावरण और संसाधनों दोनों की बचत हो सकती है।






