छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल की संभावित किल्लत की अफवाहों के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है। दरअसल राजधानी रायपुर सहित कई जिलों में पेट्रोल पंपों पर अचानक लंबी कतारें लगने और लोगों में घबराहट फैलने के बाद मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है, और आमजन को चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
दरअसल मुख्यमंत्री साय ने दावा किया है कि प्रदेश के सभी ऑयल डिपो में ईंधन की आपूर्ति नियमित रूप से हो रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि वितरण व्यवस्था भी पूरी तरह से सुचारू रूप से संचालित की जा रही है। प्रदेश सरकार और ऑयल कंपनियां इस स्थिति पर लगातार कड़ी निगरानी बनाए हुए हैं और दोनों के बीच पूर्ण समन्वय स्थापित है। वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भी भारत सरकार ने प्रभावी तैयारियां सुनिश्चित की हैं, जिससे देश में ईंधन की उपलब्धता बनी रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों से अनावश्यक खरीदारी और संग्रहण से बचने की अपील की है।
अफवाह पर ध्यान न दें : मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया है कि वे संयम, जागरूकता और जिम्मेदारी का परिचय दें। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आवश्यकता अनुसार ही ईंधन लें। भ्रामक सूचनाओं से दूर रहने की सलाह देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आपकी सजगता, संयम और सहयोग से छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश की ईंधन व्यवस्था निरंतर सुचारू बनी रहेगी। उन्होंने सभी से मिलकर जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय देने, संयम, सहयोग और सकारात्मक सोच के साथ राष्ट्रहित में अपना योगदान सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
छत्तीसगढ़ में पेट्रोल एवं डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। प्रदेशवासियों को किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
प्रदेश के सभी ऑयल डिपो में नियमित रूप से ईंधन की आपूर्ति हो रही है और वितरण व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित की जा रही है। प्रदेश सरकार एवं ऑयल कंपनियां…
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) May 14, 2026
पेट्रोल पंपों पर लंबी-लंबी कतारें
हालांकि, मुख्यमंत्री के इन आश्वासनों के बावजूद, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पेट्रोल पंपों पर लंबी-लंबी कतारें देखी जा रही हैं। लोग सुबह से ही अपनी बारी का इंतजार करते नजर आ रहे हैं, जबकि कई लोग कई पेट्रोल पंपों के चक्कर काटते-काटते उतना पेट्रोल जला चुके हैं, जितना वे भरवाने निकले थे। इस स्थिति ने लोगों की दिनचर्या को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, स्कूली बच्चों के अभिभावक और सबसे ज्यादा वे लोग परेशान हैं जिनका रोजगार ही गाड़ियों पर निर्भर करता है।
राजधानी के कई पेट्रोल पंपों में कथित तौर पर या तो पेट्रोल खत्म हो चुका है या फिर सीमित मात्रा में दिया जा रहा है। घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी लोगों को यह भरोसा नहीं है कि उनकी बारी आने तक पेट्रोल बचेगा या नहीं। सोशल मीडिया पर भी पेट्रोल पंपों की लंबी कतारों के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जो हालात की गंभीरता को साफ दिखा रहे हैं। पेट्रोल पंपों पर बाइक और कारों की लंबी कतारें देखकर हर कोई इस बात को लेकर चिंतित है कि उनके नंबर आने तक कहीं पेट्रोल पंप ड्राई न हो जाए। यह स्थिति आमजन में एक प्रकार की अनिश्चितता और परेशानी पैदा कर रही है, जिसके चलते लोग अपनी सामान्य गतिविधियों को पूरा करने में मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने एक बार फिर सभी से अपील की है कि वे संयम और सहयोग बनाए रखें ताकि ईंधन व्यवस्था सुचारू बनी रहे।






