हिमाचल प्रदेश में आगामी पंचायत चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। आज दोपहर तीन बजे तक सभी इच्छुक दावेदारों के लिए नाम वापसी का समय निर्धारित किया गया है। इस महत्वपूर्ण समय सीमा के बाद, राज्य चुनाव आयोग द्वारा सभी प्रत्याशियों को उनके चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। यह प्रक्रिया चुनाव मैदान की अंतिम तस्वीर को पूरी तरह से स्पष्ट कर देगी।
दरअसल राज्य की कुल 3 हजार 754 ग्राम पंचायतों में विभिन्न पदों के लिए अभी 85 हजार 462 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। नाम वापसी की अंतिम तिथि के बाद, इन उम्मीदवारों की संख्या में निश्चित रूप से कुछ कमी आने की संभावना है। नाम वापसी की यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि प्रदेश की किस पंचायत में किस पद के लिए कितने दावेदार अंतिम रूप से मैदान में बचे हैं। इसके साथ ही, यह भी पता चलेगा कि कितने प्रधान, उप प्रधान, वार्ड मेंबर, बीडीसी सदस्य और जिला परिषद सदस्य निर्विरोध चुने जाते हैं, जिससे चुनावी प्रक्रिया और भी स्पष्ट हो जाएगी। इन सभी महत्वपूर्ण जानकारियों का आधिकारिक ऐलान हिमाचल प्रदेश राज्य चुनाव आयोग द्वारा विधिवत रूप से किया जाएगा।
कुल 31 हजार 214 विभिन्न पदों के लिए पंचायत चुनाव
वहीं हिमाचल प्रदेश में कुल 31 हजार 214 विभिन्न पदों के लिए पंचायत चुनाव होने जा रहे हैं। इन पदों में प्रधान, उप प्रधान, वार्ड मेंबर, बीडीसी सदस्य और जिला परिषद सदस्य शामिल हैं। इन महत्वपूर्ण पदों के लिए तीन चरणों में मतदान का आयोजन किया जाएगा। पहला चरण 26 मई को निर्धारित किया गया है, जबकि दूसरा चरण 28 मई को संपन्न होगा और तीसरा चरण 30 मई को निर्धारित किया गया है।
इन आगामी चुनावों में 3 हजार 754 प्रधानों का चुनाव होना है, जबकि 3 हजार 754 उप प्रधान भी चुने जाएंगे। इसके अलावा, 21 हजार 654 वार्ड मेंबर, 1 हजार 769 बीडीसी सदस्य और 251 जिला परिषद सदस्य भी इन चुनावों के माध्यम से चुने जाएंगे। प्रत्येक मतदाता को इन पंचायत चुनावों में कुल पांच अलग-अलग पदों के लिए मतदान करने का अधिकार प्राप्त होगा। इसमें प्रधान, उप प्रधान, वार्ड मेंबर, बीडीसी सदस्य और जिला परिषद सदस्य के लिए एक-एक वोट शामिल है।
मतों की गिनती मतदान वाले दिन
प्रधान, उप प्रधान और वार्ड मेंबर पदों के लिए डाले गए मतों की गिनती मतदान वाले दिन ही संबंधित पंचायत भवन में की जाएगी। इन पदों के परिणामों की घोषणा भी उसी दिन त्वरित रूप से कर दी जाएगी। वहीं, बीडीसी और जिला परिषद सदस्यों के मतों की गिनती 31 मई को राज्य के विभिन्न ब्लॉक मुख्यालयों पर संपन्न होगी।
तीनों चरणों में होने वाले मतदान के दिनों में राज्य में सवैतनिक अवकाश घोषित किया गया है। यह विशेष छुट्टी सरकारी और निजी क्षेत्र में कार्यरत सभी कर्मचारियों को प्राप्त होगी। हालांकि, यह अवकाश केवल उसी क्षेत्र में मान्य होगा जहां जिस दिन मतदान होगा, यानी एक दिन की छुट्टी संबंधित मतदान क्षेत्र के लिए होगी।






