हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने ‘एंटी-चिट्टा जागरूकता अभियान’ के दूसरे चरण को व्यापक स्तर पर शुरू करने का निर्णय लिया है। यह अभियान 1 जून से 20 अगस्त 2026 तक प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालयों और महाविद्यालयों में चलेगा।
CM ने नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन सेंटर (एनकॉर्ड) की बैठक की अध्यक्षता की
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन सेंटर (एनकॉर्ड) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी संबंधित क्षेत्रों में कम से कम 10 शिक्षण संस्थानों का दौरा करेंगे। इन दौरों के दौरान विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाएगा।
सरकार ने दवा निर्माण और वितरण को लेकर भी सख्ती दिखाई है। फार्मास्यूटिकल कंपनियों द्वारा नियमों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। दवाओं के किसी भी प्रकार के दुरुपयोग के मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, अवैध रूप से दवाइयां बेचने वाली दुकानों के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे।
नशे के विरुद्ध एंटी-चिट्टा जागरूकता अभियान
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि समाज से चिट्टे के समूल नाश के लिए सरकार प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। इसका उद्देश्य एक स्वस्थ समाज का निर्माण सुनिश्चित करना है। राज्य सरकार ने उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट में भी बदलाव किया है। अब नशे के विरुद्ध कार्रवाई और एंटी-चिट्टा जागरूकता अभियान के क्रियान्वयन के आधार पर संख्यात्मक ग्रेडिंग शामिल की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों को एंटी-चिट्टा अभियान को लेकर नियमित बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए। इसका लक्ष्य इस समस्या को जड़ से समाप्त करना है। उन्होंने जब्त किए गए वाहनों और शराब के समय पर निपटान पर भी बल दिया। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इनका अनावश्यक भंडारण न हो।
चिट्टे के मामलों से संबंधित फॉरेंसिक रिपोर्ट पांच दिनों के भीतर तैयार की जानी चाहिए। इससे जांच और मुकदमों में तेजी लाई जा सकेगी। पुलिस अधीक्षकों को नशा तस्करी की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें स्थिति की नियमित समीक्षा करने को भी कहा गया है। अधिकारियों को चिट्टा तस्करों द्वारा अवैध रूप से अतिक्रमण कर बनाई गई संपत्तियों को तोड़ने के भी निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन द्वारा आदतन अपराधियों की मैपिंग की जाएगी।
कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं: CM
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है। उन्होंने बताया कि नशा संबंधी गतिविधियों में संलिप्त पाए गए 123 सरकारी कर्मचारियों और पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के तहत 10 सरकारी कर्मचारियों और 21 पुलिसकर्मियों को सेवा से बर्खास्त किया गया है।
बर्खास्त किए गए पुलिस कर्मियों के अलावा, एचआरटीसी, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा ग्रामीण विकास विभाग के दो-दो कर्मचारी शामिल हैं। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड, बैंकिंग क्षेत्र, जल शक्ति विभाग और पशुपालन विभाग के एक-एक कर्मचारी के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि हमारी सरकार के लिए ईमानदारी, अनुशासन और जनविश्वास सर्वोपरि हैं। नशा तस्करी में संलिप्त किसी भी सरकारी कर्मचारी के प्रति शून्य सहिष्णुता नीति अपनाई जा रही है। यह सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है।






