एक तरफ जहां पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) में टूट हुई तो वहीं महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे गुट वाली शिवसेना में भी बगावत हुई है। हालही में शिवसेना-UBT के 6 सांसदों ने उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे वाली शिवसेना का दामन थाम लिया है। जिसके बाद महाराष्ट्र में सियासी पारा हाई है। शिवसेना-UBT के नेता संजय राउत लगातार शिंदे शिवसेना और बागी सांसदों पर निशाना साध रहे हैं।
वहीं एक बार फिर संजय राउत ने शिंदे शिवसेना और बागी सांसदों पर तीखा हमला बोला है और गंभीर आरोप लगाए हैं। संजय राउत ने पार्टी छोड़ने वाले छह सांसदों को ‘गद्दार’ बताया है और आरोप लगाया कि वे 50 से 60 करोड़ रुपये के लिए बिके हैं। राउत के इस दावे के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई।
संजय राउत ने बागी सांसदों को बताया गद्दार
शिवसेना-UBT नेता संजय राउत ने बागी सांसदों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे बागी नहीं हैं, हम उन्हें गद्दार मानते हैं। भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु और चंद्रशेखर आजाद जैसे महान क्रांतिकारी देश के लिए बागी बने थे, लेकिन जो लोग हमारी पार्टी के चुनाव चिह्न पर जीतकर बाद में दूसरे गुट में चले गए, उन्हें बागी नहीं कहा जा सकता।
राउत ने अपनी बात को जारी रखते हुए आगे कहा कि हमने हाल ही में मुंबई के भांडुप और विक्रोली का दौरा किया। अब हम यवतमाल, वाशिम, हिंगोली, परभणी, धाराशिव और शिरडी का दौरा करेंगे। अगले तीन-चार दिनों में इन क्षेत्रों में जाकर उन कार्यकर्ताओं, शिव सैनिकों और मतदाताओं से मिलेंगे, जो आज भी हमारे साथ मजबूती से खड़े हैं और दूसरे गुट में नहीं गए।
संजय राउत ने लगाया गंभीर आरोप
संजय राउत यहीं नहीं रूके, उन्होंने एक बड़ा आरोप भी लिया है। राउत ने कहा, जिन नेताओं ने पार्टी छोड़ी, उन्होंने खुद को नीलाम कर दिया। उनकी कीमत तय की गई और उन्हें 50-60 करोड़ रुपये में खरीदा गया। लेकिन जनता आज भी हमारे साथ है। उनसे मिलना और उनका आभार व्यक्त करना हमारा कर्तव्य है, इसलिए हम लगातार उनके बीच जा रहे हैं।
इन सांसदों ने थाम एकनाथ शिंदे वाली शिवसेना का दामन
शिवसेना-UBT से एकनाथ शिंदे की शिवसेना में आने वाले छह बागी सांसदों में ओमप्रकाश भूपालसिंह उर्फ ओमराजे निंबालकर (धाराशिव/उस्मानाबाद), नागेश बापुराव पाटिल आष्टीकर (हिंगोली), संजय हरिभाऊ जाधव (परभणी), संजय उत्तमराव देशमुख (यवतमाल-वाशिम), भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे (शिरडी) और संजय दीना पाटिल (मुंबई उत्तर पूर्व) शामिल हैं।





