अमरनाथ यात्रा 2026 को सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। दरअसल यात्रा शुरू होने से पहले ही जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे और उसके आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों ने ‘ऑपरेशन डोमिनेंस’ चलाया है। इसका उद्देश्य यात्रा मार्ग पर किसी भी संभावित सुरक्षा खतरे को पहले ही खत्म करना और श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करना है।
दरअसल सुरक्षा बल लगातार हाईवे से लगे जंगलों, पहाड़ी इलाकों, झाड़ियों, नालों और अन्य दुर्गम स्थानों की तलाशी ले रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि यात्रा के दौरान किसी भी तरह की सुरक्षा चूक से बचने के लिए पहले से व्यापक सर्च ऑपरेशन जरूरी है। इसी रणनीति के तहत पूरे इलाके में निगरानी और गश्त भी बढ़ा दी गई है।
संवेदनशील इलाकों में लगातार चल रहा सर्च ऑपरेशन
जानकारी के अनुसार जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे को अमरनाथ यात्रा का सबसे अहम मार्ग माना जाता है। यही वजह है कि सुरक्षा एजेंसियां इस बार हाईवे के साथ-साथ उससे जुड़े हर संवेदनशील क्षेत्र पर विशेष नजर बनाए हुए हैं। सुरक्षा बलों की टीमें ऐसे स्थानों की भी जांच कर रही हैं, जहां प्राकृतिक गुफाएं, बड़े पत्थर, घने जंगल या ऊंची पहाड़ियां हैं। इन स्थानों को सुरक्षा के लिहाज से चुनौतीपूर्ण माना जाता है।
लगातार तलाशी अभियान चलाया जा रहा
वहीं अधिकारियों के अनुसार, इन इलाकों में किसी भी संदिग्ध गतिविधि की संभावना को देखते हुए लगातार तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। इसके अलावा ड्रोन के जरिए हथियार या विस्फोटक गिराए जाने जैसी आशंकाओं को भी ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां आधुनिक निगरानी तकनीक और स्थानीय इनपुट के आधार पर हर गतिविधि पर नजर रख रही हैं। यात्रा मार्ग पर आने वाले सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था भी लागू कर दी गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
70 हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती
वहीं इस बार अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को लेकर केंद्रीय स्तर पर भी विशेष तैयारी की गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जम्मू-कश्मीर में करीब 70 हजार अतिरिक्त सुरक्षा जवानों की तैनाती की गई है। इन जवानों को जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे, प्रमुख चेक पोस्ट, संवेदनशील मार्गों और यात्रा से जुड़े महत्वपूर्ण स्थानों पर रणनीतिक तरीके से लगाया गया है।






