इंदौर गैस पाइपलाइन हादसे में झुलसी कंटेंट क्रिएटर गिरी राजकुमारी उर्फ जिनी झाला को शुक्रवार सुबह बेहतर इलाज के लिए अहमदाबाद एयरलिफ्ट किया गया है। दरअसल हाई कोर्ट के निर्देश के बाद डॉक्टरों की टीम ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति का आकलन किया और उन्हें शिफ्ट करने की अनुमति दी। अब उनका इलाज अहमदाबाद के जाइडस अस्पताल में होगा, जहां डॉक्टरों के मुताबिक पूरी तरह स्वस्थ होने में तीन से चार महीने का समय लग सकता है।
वहीं अहमदाबाद रवाना होने से पहले जब जिनी को आईसीयू से बाहर लाया गया तो वह दर्द से कराह रही थीं। इसी दौरान उन्होंने कहा कि उनकी मौजूदा हालत के लिए जिम्मेदार लोगों पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उनका कहना था कि केवल ठेकेदार और वाहन चालक पर मामला दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जिन अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की भूमिका रही है, उनकी भी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
दरअसल जिनी झाला के माता-पिता और मंगेतर रजत प्रताप सिंह ने भी हादसे को लेकर प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि घटना के बाद जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने समय पर गंभीरता नहीं दिखाई। रजत प्रताप सिंह ने कहा कि जिस स्थान पर बोरिंग का काम किया जा रहा था, वहां प्रशासन की ओर से प्रतिबंध लागू होने के बावजूद गतिविधियां चल रही थीं। उन्होंने दावा किया कि यदि समय रहते नियमों का पालन कराया जाता तो यह हादसा टाला जा सकता था।
जिनी झाला को आगे भी कई सर्जरी की जरूरत पड़ेगी
वहीं परिवार ने यह भी कहा है कि पुलिस ने फिलहाल बोरिंग मशीन के ठेकेदार और चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, लेकिन उनके मुताबिक पूरे मामले की जिम्मेदारी तय करने के लिए व्यापक जांच जरूरी है। रजत ने बताया कि जिनी के हाथ की त्वचा की कई परतें गंभीर रूप से जल चुकी हैं। उनकी एक सर्जरी हो चुकी है, जबकि आगे भी कई सर्जरी की जरूरत पड़ेगी।
नगर निगम की जांच शुरू
दरअसल हादसे के बाद नगर निगम ने पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई है। इस समिति में अपर आयुक्त आशीष पाठक, कार्यपालन यंत्री आसित खरे और कार्यपालन यंत्री पीएस कुशवाह को शामिल किया गया है। समिति को घटना की परिस्थितियों, बोरिंग कार्य की अनुमति, सुरक्षा मानकों के पालन और संबंधित विभागों की भूमिका की जांच कर रिपोर्ट देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकारियों के अनुसार रिपोर्ट दो दिनों के भीतर प्रस्तुत की जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।






