हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में एक बार फिर अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। दरअसल किन्नौर जिला कांग्रेस कमेटी के नए अध्यक्ष निगम भंडारी की नियुक्ति को लेकर राज्य सरकार के राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने सार्वजनिक रूप से नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा के खिलाफ काम करने वाले लोगों को संगठन में अहम जिम्मेदारी देना दुर्भाग्यपूर्ण है। मंत्री के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा शुरू कर दी है।
दरअसल जगत सिंह नेगी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि चुनावों के दौरान कुछ लोग अंदरखाते भारतीय जनता पार्टी के लिए काम करते रहे हैं। ऐसे लोगों को संगठन की कमान सौंपना सही संदेश नहीं देता। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनकी राय ली जाती तो इस तरह का फैसला नहीं होता। मंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के लिए प्रदेशभर में नए पदाधिकारियों की नियुक्तियां की जा रही हैं। किन्नौर जिले में कांग्रेस की केवल एक विधानसभा सीट है और उसी क्षेत्र से जगत सिंह नेगी मंत्री हैं।
निगम भंडारी की नियुक्ति को लेकर बढ़ा विवाद
वहीं निगम भंडारी की नियुक्ति के बाद किन्नौर कांग्रेस में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा है कि जिन लोगों से उनके राजनीतिक संबंध तक नहीं हैं, वे उनके जिले के अध्यक्ष कैसे हो सकते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा के लोग इस फैसले से खुश हैं। इसी दौरान उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा की “बी टीम” अब कांग्रेस की “ए टीम” बन गई है।
कौन है निगम भंडारी?
जानकारी दे दें कि निगम भंडारी लंबे समय से युवा कांग्रेस से जुड़े रहे हैं। वह वर्तमान में अखिल भारतीय युवा कांग्रेस कमेटी के महासचिव हैं और इससे पहले हिमाचल युवा कांग्रेस के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भी उन्हें टिकट का मजबूत दावेदार माना गया था। हाल ही में कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें किन्नौर जिला कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया है। नियुक्ति के बाद से ही जिले में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और पार्टी के अलग-अलग खेमों में चर्चा का दौर जारी है।
19 महीने बाद हुई नियुक्ति
दरअसल किन्नौर जिला कांग्रेस अध्यक्ष की नियुक्ति काफी समय से लंबित थी। करीब 19 महीने तक इस पद पर फैसला नहीं हो पाया था। पार्टी के भीतर अलग-अलग नामों को लेकर चर्चा चल रही थी। बताया जा रहा है कि जगत सिंह नेगी ने जिला अध्यक्ष पद के लिए उमेश नेगी, प्रेम कुमार और निर्मल चंद के नाम आगे बढ़ाए थे। हालांकि पार्टी नेतृत्व ने युवा चेहरे पर भरोसा जताते हुए निगम भंडारी को जिम्मेदारी सौंप दी। हालांकि निगम भंडारी की नियुक्ति के बाद कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति फिर सुर्खियों में आ गई है।






