रायपुर: वित्तीय वर्ष के अंतिम दिनों में संपत्ति कर वसूली को लेकर रायपुर नगर निगम ने अपना रुख बेहद कड़ा कर लिया है। निगम प्रशासन ने शहर के बड़े बकायादारों को अंतिम चेतावनी जारी करते हुए साफ कर दिया है कि यदि 31 मार्च तक बकाया कर का भुगतान नहीं किया गया तो कुर्की और संपत्ति सील करने जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी। यह कदम राजस्व संग्रह बढ़ाने और शहर के विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।

प्रशासन ने नागरिकों की सुविधा का ध्यान रखते हुए एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की है। हालांकि, इस सुविधा के साथ एक सख्त संदेश भी छिपा है।

अवकाश के दिनों में भी खुले रहेंगे काउंटर

नागरिकों को बकाया कर जमा करने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए नगर निगम ने विशेष व्यवस्था की है। निगम के सभी 10 जोन कार्यालयों में राजस्व काउंटर 26 मार्च से लेकर 31 मार्च तक लगातार खुले रहेंगे। यह सुविधा शासकीय अवकाश के दिनों में भी उपलब्ध होगी, ताकि लोग अपनी सहूलियत के अनुसार कर जमा कर सकें। निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे अंतिम दिनों की भीड़ से बचने के लिए समय पर अपना भुगतान सुनिश्चित करें।

डिजिटल भुगतान पर जोर

काउंटर पर जाकर भुगतान करने के अलावा, नगर निगम डिजिटल पेमेंट को भी बढ़ावा दे रहा है। नागरिक घर बैठे भी आसानी से अपना संपत्ति कर जमा कर सकते हैं। इसके लिए वे निगम के ‘मोर रायपुर’ मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग कर सकते हैं या फिर निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। यह विकल्प न केवल समय बचाता है, बल्कि प्रक्रिया को भी सरल बनाता है।

देरी पर लगेगा भारी-भरकम अधिभार

नगर निगम के राजस्व विभाग ने स्पष्ट किया है कि 31 मार्च की अंतिम तिथि के बाद किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। जो भी करदाता इस तारीख तक अपना बकाया जमा नहीं करेंगे, उन्हें नियमानुसार 17 प्रतिशत तक का अधिभार देना होगा। इसके बाद वसूली की प्रक्रिया और भी तेज कर दी जाएगी, जिसमें कानूनी कार्रवाई भी शामिल है। निगम का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी बकाया राशि समय पर सरकारी खजाने में जमा हो।