अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ी घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेताओं के लिए 3 करोड़ रुपये के पुरस्कार का ऐलान किया है। यह घोषणा शनिवार को सरगुजा संभाग मुख्यालय अंबिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में ‘सरगुजा ओलंपिक 2026’ के भव्य शुभारंभ के अवसर पर की गई। इस कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय महिला पहलवान गीता फोगाट की उपस्थिति विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘खेलो इंडिया’ अभियान से प्रेरणा लेकर प्रदेश में खेल के बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही है। इसी क्रम में ओलंपिक में रजत पदक विजेताओं को 2 करोड़ और कांस्य पदक विजेताओं को 1 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि ओलंपिक में भाग लेने वाले हर खिलाड़ी को 21 लाख रुपये दिए जाएंगे।
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आर्चरी अकादमी और राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी
खेल सुविधाओं के विस्तार पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री साय ने बताया कि सरगुजा के पंडरा पाठ क्षेत्र में 20 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से एक अत्याधुनिक आर्चरी अकादमी स्थापित की जाएगी। उन्होंने कहा कि विभिन्न जिलों में स्टेडियमों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
प्रदेश के लिए एक और गौरवपूर्ण क्षण का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ को ‘खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स’ की मेजबानी मिली है। यह राष्ट्रीय स्तर का आयोजन 25 मार्च से शुरू होगा, जिसका उद्घाटन केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया करेंगे। इस प्रतियोगिता के कुछ मुकाबले सरगुजा में भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा।
“ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों में बहुत प्रतिभा होती है। अगर उन्हें सही मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो वे देश का नाम रोशन कर सकती हैं।”- गीता फोगाट, अंतरराष्ट्रीय पहलवान
12 खेलों में 2500 खिलाड़ी दिखाएंगे दम
तीन दिनों तक चलने वाले सरगुजा ओलंपिक में 12 विभिन्न खेल विधाओं में प्रतिस्पर्धाएं होंगी, जिनमें भाला फेंक, खो-खो, मलखंभ और वॉलीबॉल जैसे पारंपरिक और आधुनिक खेल शामिल हैं। इस आयोजन में सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिलों से लगभग 2500 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान युवा धावक अविनेश कुजूर की उपलब्धियों को भी सराहा गया, जिन्होंने 100 और 200 मीटर दौड़ में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है।
इस अवसर पर पहलवान गीता फोगाट ने अभिभावकों से अपनी बेटियों को खेलों में आगे बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सही समर्थन मिलने पर बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं रहतीं।