छिंदवाड़ा: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में गुरुवार शाम एक भीषण सड़क हादसे में 10 लोगों की जान चली गई, जबकि 30 से ज्यादा गंभीर रूप से घायल हो गए। उमरानाला इलाके में एक यात्री बस और पिकअप वाहन की आमने-सामने की सीधी टक्कर के बाद बस सड़क पर ही पलट गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में दोनों गाड़ियों के ड्राइवर भी मृतकों में शामिल हैं, जिससे घटना की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है। हादसे की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल बचाव कार्य शुरू किया गया।

सीएम मोहन यादव के कार्यक्रम से लौट रही थी बस

यह हृदय विदारक हादसा गुरुवार शाम करीब साढ़े 6 बजे छिंदवाड़ा-नागपुर रोड पर सिमरिया के पास घटा। MP28 P 0321 नंबर की यह बस, जिसमें कुल 47 यात्री सवार थे, छिंदवाड़ा के पुलिस लाइन में आयोजित एक बड़े हितग्राही सम्मेलन से लौट रही थी। यह सम्मेलन प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों के लिए आयोजित किया गया था और इसमें स्वयं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल हुए थे। सम्मेलन से लौटते समय ही बस की रफ्तार से आ रही पिकअप से जोरदार टक्कर हो गई, जिससे बस पूरी तरह से अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई।

बस के उड़े परखच्चे, कई लोगों की हालत बेहद गंभीर

हादसे का मंज़र बेहद खौफनाक था। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया और उसके परखच्चे उड़ गए। कई यात्री बस के मलबे में बुरी तरह से फंस गए थे, जबकि कुछ टक्कर के प्रभाव से बस से बाहर जा गिरे। चश्मदीदों और घटनास्थल पर मौजूद लोगों के मुताबिक, चारों ओर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल था। घायलों में कई लोगों की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एक महिला और एक बच्चे का हाथ कटकर शरीर से अलग हो गया, वहीं कई अन्य यात्रियों के सिर फूटे हैं और उन्हें गंभीर आंतरिक चोटें आई हैं। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्यकर्मी मौके पर पहुंचे और घायलों को तुरंत पास के अस्पतालों और नजदीकी नागपुर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

कई घायलों को नागपुर रेफर किया

पुलिस और प्रशासनिक अमले के पहुंचने से पहले ही स्थानीय ग्रामीणों ने मानवता का परिचय देते हुए राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया था। घायलों को बस से निकालने और प्राथमिक उपचार देने में ग्रामीणों ने अहम भूमिका निभाई। बाद में, एम्बुलेंस और अन्य वाहनों की मदद से सभी घायलों को तत्काल प्रभाव से अस्पतालों में पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल कई लोगों को बेहतर इलाज के लिए नागपुर रेफर किया गया है, जहाँ विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है। जिला प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए तुरंत राहत और बचाव कार्यों को तेज कर दिया, लेकिन मृतकों की संख्या और घायलों की नाजुक स्थिति देखकर पूरे इलाके में गहरा मातम पसर गया है।

सीएम डॉ. मोहन यादव ने जताया दुख

इस भीषण सड़क दुर्घटना पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी संवेदनाएं साझा करते हुए लिखा कि,

“गुरुवार शाम को छिंदवाड़ा-नागपुर रोड पर हुई सड़क दुर्घटना हृदय विदारक है। प्रभावित परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। परमपिता परमात्मा से प्रार्थना है कि सभी दिवंगतों की आत्मा को शांति प्रदान करें। घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए कामना करता हूँ।”

मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में मृतकों की आत्मा की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की है, जो इस त्रासदी की गंभीरता को दर्शाता है।

जबलपुर से अनुभवी डॉक्टर्स छिंदवाड़ा और नागपुर भेजने के निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना पर तत्काल संज्ञान लेते हुए कई अहम निर्देश भी जारी किए हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को घायलों के समुचित और त्वरित इलाज के लिए हर संभव व्यवस्था सुनिश्चित करने का आदेश दिया है, ताकि किसी भी मरीज को उपचार में देरी का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही, उन्होंने जबलपुर से अनुभवी डॉक्टर्स के दल को छिंदवाड़ा और नागपुर भेजने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि गंभीर घायलों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा मिल सके। छिंदवाड़ा जिले के प्रभारी मंत्री राकेश सिंह को भी अपने सभी पूर्वनिर्धारित कार्यक्रम तत्काल रद्द कर छिंदवाड़ा पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने और राहत कार्यों की प्रभावी निगरानी करने का निर्देश दिया गया है।

सीएम ने की सहायता राशि की घोषणा

राज्य सरकार ने हादसे के पीड़ितों के लिए तत्काल सहायता राशि की भी घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि इस दुखद दुर्घटना में जान गंवाने वाले मृतकों के निकटतम परिजनों को 4-4 लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान की जाएगी, जो उनके परिवारों के लिए एक छोटी मदद होगी। वहीं, इस दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को 1-1 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने यह भी साफ किया है कि सभी घायलों का इलाज पूरी तरह निःशुल्क किया जाएगा, जिससे उनके परिवारों पर इलाज का अतिरिक्त बोझ न पड़े। सरकार ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि पीड़ितों को जल्द से जल्द और समुचित राहत मिल सके।

जांच में जुटी पुलिस

भोपाल में स्वास्थ्य विभाग में एक विशेष कंट्रोल रूम भी सक्रिय किया गया है। इस कंट्रोल रूम के माध्यम से छिंदवाड़ा और नागपुर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती सभी घायलों के उपचार की लगातार और सतत् मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि उनकी स्थिति पर नज़र रखी जा सके और आवश्यकतानुसार सहायता प्रदान की जा सके। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी है। यह भीषण हादसा एक बार फिर सड़कों पर सुरक्षा उपायों की समीक्षा करने और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता को दर्शाता है।