छिंदवाड़ा में कांग्रेसियों ने निगम कमिश्नर को कहे अपशब्द,धमकाया

छिंदवाड़ा में कांग्रेसियों ने निगम कमिश्नर को कहे अपशब्द,धमकाया

छिंदवाड़ा। मंगलवार को छिंदवाड़ा नगर निगम के सभाकक्ष में समीक्षा बैठक के दौरान कांग्रेसियों द्वारा नगर निगम कमिश्नर विशेष गढ़पाले के साथ बदतमीजी करने, अभद्र व्यवहार करने व अपशब्द कहने का मामला सामने आया है ।मध्य प्रदेश नगर निगम नगर पालिका कर्मचारी संघ की छिंदवाड़ा इकाई ने इस बात की शिकायत मुख्यमंत्री कमलनाथ और सांसद नकुल नाथ से की है। कर्मचारियों का आरोप है कि जब यह बैठक चल रही थी और सभी अधिकारी कर्मचारी समीक्षा बैठक में उपस्थित थे तभी कांग्रेस नेता राहुल मालवीय, विश्वेंद्र बैस और रोहित मालवीय द्वारा नगर निगम कमिश्नर विशेष गढपाले के साथ न केवल अभद्रता की गई बल्कि उन्हें अपशब्द भी कहे गए। इसके बाद इन तीनों लोगों ने 25 अन्य लोगों के साथ इकट्ठे होकर निगम सभा कक्ष के बाहर गेट पर कमिश्नर के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्यालय के कामों में व्यवधान उत्पन्न किया। कर्मचारियों ने इस पत्र में यह भी लिखा है कि आयुक्त मुख्यमंत्री महोदय के दिशा निर्देश और शासन की मंशा अनुसार ही कार्य कर रहे हैं लेकिन कार्यालय की अवधि में जनप्रतिनिधियों द्वारा ऐसा व्यवहार किए जाने से अधिकारी कर्मचारियों में अपनी सुरक्षा को लेकर भय व्याप्त हो गया है। इस व्यवहार की निंदा करते हुए कर्मचारी संघ ने इन लोगों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की है ताकि वे भयमुक्त होकर काम कर सकें।

Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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