Dabra News: 20 वर्षीय युवती ने फाँसी लगाकर की आत्महत्या, जांच में जुटी पुलिस, जानें पूरा मामला

Bhopal- Elderly woman dies of hunger

Dabra News: डबरा सिटी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शुगर मिल के पास आदिवासी बस्ती में रहने वाली एक 20 वर्षीय आदिवासी युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि युवती शादीशुदा थी, उसका नाम शिवानी आदिवासी बताया जा रहा है। शुगर मिल के झोपड़ियों में अपने पति और सास-ससुर के साथ रहती थी। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी और 108 एंबुलेंस के जरिए उसे डबरा सिविल हॉस्पिटल लाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मौके पर घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच में जुटी है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की सही जानकारी पुलिस द्वारा दी जाएगी।

युवती के जीजा ने कहा

युवती के जीजा इकराम सिंह आदिवासी (निवासी दतिया) का कहना है कि “युवती दतिया की रहने वाली थी और शुगर मिल में बनी झोपड़ियों में अपने पति और सास-ससुर के साथ कुछ समय से रह रही थी। वह घर का काम करने के बाद बर्तन रखने अंदर गई, तभी उसके देवर और घरवालों में झगड़ा होने लगा। इसी बीच उसके साथ में झगड़ा हुआ और युवती ने न जाने कब फांसी लगा ली।”

सास-ससुर ने कही ये बात

युवती के ससुर मजबूर सिंह आदिवासी और सास क्रांति आदिवासी ने बताया कि, “उनका छोटा बेटा जिससे घर में विवाद हो गया और उसने एक डंडा युवती को मार दिया जिस पर युवती ने गुस्से में आकर फांसी लगा ली।।”

पति ने क्या बोला?

युवती के पति बीरवर आदिवासी कबाड़ बीनने का और घमला उठाने का कार्य करता है। उसने बताया कि, ” उसकी पत्नी ने मां-बाप को बर्तन लाने के लिए कहा जिस पर उसके छोटे भाई ने झगड़ा शुरू कर दिया। झगड़ा होने के बाद उसने फाँसी लगा ली।”

[dgv_vimeo_video id=”826674482″]

[dgv_vimeo_video id=”826674707″]

डबरा से अरुण रजक की रिपोर्ट

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews