प्रदेश में इन दिनों चल रहे HPV वैक्सीनेशन अभियान से जुडी एक बड़ी खबर सामने आई है, वैक्सीन लगने के बाद कई बच्चियों की तबियत ख़राब होने की खबर है बच्चियों को अस्पताल में भर्ती किया गया है, परिजनों का आरोप है कि आंगनबाड़ी, आशा कार्यकर्ता ने धोखे में रखते हुए उनकी बच्चियों को वैक्सीन लगवा दी, अच्छी बात ये है कि बच्चियां डबरा सिविल अस्पताल में भर्ती हैं उनकी हालत चिंताजनक नहीं है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दिनों राजस्थान के अजमेर से राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत की थी, इसके बाद मध्य प्रदेश सरकार ने भी इसे अपने यहाँ लागू किया, सरकार प्रदेश की 14 से 15 साल उम्र के बीच की 8 लाख बच्चियों को ये मुफ्त वैक्सीन लगा रहा है, इसकी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग के साथ साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी दी गई है।

वैक्सीन लगने के बाद बिगड़ी बच्चियों की तबियत 

ग्वालियर जिले के पिछोर कस्बे के बारकरी जिगनिया गांव की रहने वाली कई बच्चियों को वैक्सीन लगने के बाद अचानक तबियत ख़राब होने से परिजन चिंतित हो गए, उन्हें बुखार, उल्टियाँ, पेट में दर्द , चक्कर आदि की समस्या होने लगी जिसके बाद बच्चियों को डबरा सिविल अस्पताल में भर्ती किया गया, यहाँ डॉक्टर्स ने उनका इलाज किया जहाँ अभी हालत ठीक बताई जा रही है।

झूठ बोलकर वैक्सीन लगवाने का आरोप

इस पूरे मामले में परिजनों ने गंभीर आरोप लगाये हैं, परिजनों का आरोप है कि आंगनबाड़ी, आशा कार्यकर्ता गाँव आई थी उन्होंने कहा बच्चियों के फॉर्म भरवाने है उनकी शादी में 50 हजार रुपये मिलेंगे, ये कहकर वे ले गई और वैक्सीन लगवा दी। परिजनों का कहना है कि झूठ बोलकर वैक्सीन लगवा दी हमारी बच्चियों को कुछ हो जाता तो कौन जवाबदार होता, अस्पताल में भर्ती बच्चियों की संख्या 9 बताई गई है ।

निःशुल्क लग रही है वैक्सीन 

उल्लेखनीय है बच्चियों में होने वाले सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए ये राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान शुरु किया गया है, मध्य प्रदेश में 8 लाख बच्चियों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया है, खास बात ये है कि इस टीके की बाजार में कीमत 4000 रुपये से अधिक है लेकिन सरकार इसे मुफ्त में लगा रही है ।