दमोह में 5 मरीज स्वस्थ होकर घर लौटे, स्टाफ ने तालियां बजाकर किया विदा

दमोह में 5 मरीज स्वस्थ होकर घर लौटे, स्टाफ ने तालियां बजाकर किया विदा

दमोह/गणेश अग्रवाल

दमोह जिले में जिस तरह से कोरोना के पॉजिटिव मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है, उसी तरह से मरीजों के डिस्चार्ज होने पर उनका तालियां बजाकर स्वागत भी किया जा रहा है। दमोह के जिला अस्पतालों से सोमवार को 5 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है। यह सभी मरीज ठीक हो करके अपने घर गए हैं, जिला अस्पताल से 3 मरीज और हटा के अस्पताल से 2 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है।

जिला अस्पताल में स्थित कोविड-19 सेंटर में भर्ती मरीजों में से जब 3 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया तो सभी ने उनका तालियों से स्वागत किया। इस दौरान जहां केयर सेंटर से रिलीज हुए एक मरीज ने इलाज में बरती गई सावधानियों एवं इलाज के लिए धन्यवाद  दिया तो यह भी कहा कि आपको अपनी सुरक्षा खुद रखनी है और यदि इसके बावजूद भी आप इस से पीड़ित हो जाते हैं तो आपको यहां पर हर एक सुविधा मिलेगी। वहीं कोविड-19 अस्पताल एवं जिला अस्पताल के आरएमओ डॉ दिवाकर पटेल ने कहा कि आप सभी को अपनी सुरक्षा करनी है और इसी सेआप अपने आप को सुरक्षित कर सकते हैं।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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