एमपी के दमोह में फिर एक बार दिल को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है जहां समय पर एंबुलेंस न मिलने की वजह से एक मां ने अस्पताल जाते वक्त रास्ते में बच्चे को जन्म दिया लेकिन नवजात ने चंद मिनटों में दम तोड़ दिया, इस नवजात की मौत ने फिर सिस्टम पर सवाल दागे है दावों की पोल खोली है और हालातों पर चिंता जताने मजबूर किया है।
रास्ते में जन्मी बच्ची और रास्ते में ही तोड़ दिया जन्म
दरअसल दमोह जिले के पटेरा ब्लाक के पिपरिया मिश्र गांव की 22 साल की गर्भवती महिला रोशनी को बीती रात तेज दर्द हुआ और परिजन समझ गए कि ये प्रसव पीड़ा है, परिजन उसे हटा अस्पताल ले जाना चाह रहे थे एंबुलेंस को काल किया लेकिन न तो 108 एंबुलेंस आई और न ही जननी एक्सप्रेस आई। मजबूरन महिला के परिजन उसे एक निजी वाहन से हटा सिविल अस्पताल ले जाने निकले लेकिन महिला ने रास्ते में ही बच्ची को जन्म दिया इस गाड़ी में महिलाएं भी थी तो उन्होंने महिला को संभाल लिया लेकिन मां की कोख से जन्मी फीमेल मासूम चंद मिनिटो तक दुनिया में नहीं रह पाई और उसने दम तोड़ दिया।
अस्पताल में खड़ी मिलीं दो एम्बुलेंस
जैसे तैसे लोग महिला और नवजात को हटा के सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टर्स ने नवजात की मृत घोषित किया और गंभीर हालत में मां यानि रोशनी को एडमिट किया गया है जहां उसका इलाज चल रहा है। नवजात को खोने का गम परिवार को है लेकिन गुस्सा और मलाल इस बात का है कि समय पर एंबुलेंस नहीं आई,जो इंतजार हुआ और दूसरे वाहन का इंतजाम किया वो समय शायद नवजात की ज़िदगी बचाने का काम कर जाता, हटा सिविल अस्पताल जब परिजन पहुंचे तो यहां दो दो एंबुलेंस खड़ी थी और पता किया तो दोनों कईं घंटों से यहां थी लेकिन सिस्टम उन्हें इस महिला के पास तक नहीं पहुंचा सका।
एक महीने में ही एम्बुलेंस की दूसरी लापरवाही
इस घटनाक्रम से लोगों में आक्रोश है वहीं जिले के अधिकारियों का कहना है कि मामले में जांच कराई जा रही है और जिसका दोष होगा उसके खिलाफ कार्यवाही की जायेगी। गौरतलब है कि दमोह में अभी कुछ दिन पहले ही जबेरा ब्लाक के बनवार में एक गर्भवती महिला को एंबुलेंस नहीं मिली उसे ई रिक्शा से अस्पताल लाया जा रहा था और रास्ते में ई रिक्शा की बैट्री खत्म हो गई तो महिला ने गांव के बस अड्डे पर बने यात्री प्रतिक्षालय में बच्चे को जन्म दिया अच्छी बात ये रही कि मां और उसका बेटा स्वस्थ्य थे।
एम्बुलेंस सेवा पर हाल ही लगा है जुर्माना
इस मामले ने सुर्खियों बटोरी सिस्टम के सामने सवाल हुए तो कलेक्टर ने जांच कराई एंबुलेंस सेवा में कमी पाई गई और सरकार को कार्रवाई का प्रस्ताव भेजा गया तो एंबुलेंस सेवा एजेंसी पर दो लाख 32 हजार का जुर्माना लगाया गया ये जिले में पहली कार्रवाई थी और उम्मीद जागी कि शायद अब व्यवस्था सही होगी लेकिन महीना भर पूरा नहीं हुआ और एक और घटनाक्रम सामने आया है और फिर कई सवाल सिस्टम के सामने खड़े हो रहे है।






