सरकारी कर्मचारियों के उनके काम के प्रति लापरवाही किसी के लिए कितनी भारी पड़ सकती है इसका अंदाजा उन्हें नहीं होता वर्ना दमोह की एक बुजुर्ग महिला को अपने जीवित होने का प्रमाण देने के लिए यूँ एक साल से भटकना नहीं पड़ता जी हाँ , सहीं पढ़ा आपने, पंचायत सचिव ने एक जिन्दा महिला को मृत घोषित कर दिया जिससे उसे सरकारी सुविधाएँ मिलना बंद हो गई, मामला सामने आने बाद कलेक्टर ने सचिव को निलंबित करने के आदेश दिए हैं।
अजब एमपी की गजब कहानियां आप अक्सर देखते सुनते हैं एक ऐसी ही एक गज़ब कहानी दमोह से सामने आई है जब सरकारी दस्तावेजों में मृत हो चुकी एक बुजुर्ग महिला ने कलेक्टर के सामने खड़े होकर कहा कि साहब देख लो जांच परख लो चाहो तो डॉक्टर बुला लो मैं ज़िंदा हूँ।
दस्तावेजों में वो दुनिया छोड़ चुकी थी लेकिन असल में वो ज़िंदा खड़ी थी
कलेक्टर के सामने खड़ी महिला ने जब ये बातें कहीं तो उसे सुनकर डीएम भी हैरान रह गए, महिला के पास मौजूद दस्तावेजों में वो दुनिया छोड़ चुकी थी लेकिन असल में वो ज़िंदा खड़ी थी। दरअसल ये बुजुर्ग महिला दमोह जनपद पंचायत के बिलाई गावँ की दीपरानी पटेल है, साल भर पहले दीपरानी को सरकारी रिकार्ड में मृत घोषित कर दिया गया और इन्हें मिलने वाली तमाम सुविधाओ को बंद कर दिया गया।
ज़िंदा होने का प्रमाण दिया तो कलेक्टर भी सन्न रह गए
महिला साल भर में तमाम तरह से शिकायतें कर चुकी लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी। गरीब तबके की इस महिला को योजनाओं से भी वंचित होना पड़ा और कैसे उसने साल बिताया उसका अंदाज़ा लगाया जा सकता है। जब सब जगह से वो थक हार गई तो खुद चलकर जिले के कलेक्टर के पास पहुंची, अपने ज़िंदा होने का प्रमाण दिया तो कलेक्टर भी सन्न रह गए। महिला के भतीजे ने बताया कि हम चाहते हैं कि जो राशि मेरी बुआ के नाम पर मिलती थी जो बंद हो गई उसकी भी जाँच जाए कि कहीं वो किसी और को तो नहीं दी गई।
रिकॉर्ड ठीक कराया, दोषी सचिव के निलंबन के आदेश दिए
बुजुर्ग महिला को कलेक्टर ने सम्मान के साथ बैठाया, जिम्मेदारों को मौके पर तलब किया गया और तत्काल ही रिकॉर्ड दुरुस्त करा कर असल में ज़िंदा महिला को सरकारी रिकार्ड में भी जिंदा कराया गया। कलेक्टर सुधीर कोचर के मुताबिक महिला का सरकारी रिकार्ड तो सही हो गया है लेकिन ऐसा कृत्य करने वाले दोषी कर्मचारियों और अधिकारियों को सस्पेंड करने और अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के निर्देश मैंने दिए हैं है ताकि इस मामले से सीख लेकर कोई और ऐसी गलती न करे।



दमोह से दिनेश अग्रवाल की रिपोर्ट






