मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर मोहन सरकार की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। विापक्ष अस्पतालों की व्यवस्थाओं और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर सवाल उठ रहा हैं। अब दमोह जिला अस्पताल से एक ऐसा मामला सामने आया है जिससे राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था एवं सरकार पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

बता दें कि दमोह जिला अस्पताल में तेजगढ़ के सिमरिया गांव की एक महिला अपने बेटे के दस्त के इलाज की शिकायत लेकर पहुंची थी। आरोप है कि अस्पताल के फर्श पर गंदगी फैलने के बाद महिला को ही उसे साफ करने के लिए कह दिया गया, जिसके बाद मजबूर महिला ने फर्श साफ किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

जीतू पटवारी ने सरकार को घेरा, उठाए सवाल

बता दें कि अब इस मामले में प्रदेश की सियासत गरमाने लगी है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने एक्स पर वीडियो शेयर कर राज्य सरकार को घेरा है एवं अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। पटवारी ने लिखा कि प्रदेशवासियों, ये दृश्य दमोह के सरकारी अस्पताल का है। पोछा लगा रही महिला मरीज की मां है। ये लाचारी की इंतहा है।

इसके बाद जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि.. क्या अस्पताल में स्टाफ की कमी है? कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है या फिर सरकारी धन भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी की भेंट चढ़ रहा है? इस घटना का हवाला देते हुए उन्होंने एक बार फिर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किये हैं।

नर्स के कहने पर फर्श साफ करने का महिला ने किया दावा

जानकारी अनुसार, जिला अस्पातल में करीब 55 सफाईकर्मी तैनात हैं और सफाई व्यवस्था पर हर महीने लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। अब सवाल यह उठता है कि जब इतने कर्मचारी अस्पताल में तैनात हैं तो मरीज या मरीजों के परिजनों से इस तरह का काम क्यों कराया जा रहा है। इस मामले के बाद अब स्वास्थ्य व्यवस्था सवालों के कटघरे में आ गई है। वीडियो में साफ देखा जा रहा है कि महिला अस्पताल के फर्श पर पोछा लगाती हुए नजर आ रही है। जब महिला से पूछा गया कि वह अस्पताल का फर्श क्यों साफ कर रही है, तो उसने बताया कि ड्यूटी पर मौजूद नर्स ने उसे फर्श पर फैली गंदगी साफ करने के लिए कहा है। हालांकि यह दमोह जिला अस्पताल का पहला मामला नहीं है बल्कि इससे पहले भी कई वीडियो यहां से सामने आ चुके हैं।

वायरल वीडियो पर जिला अस्पताल अधिकारी का बयान

दमोह जिला अस्पातल प्रबंधक सुरेंद्र विक्रम सिंह ने वायरल वीडियो पर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह जिला अस्पताल का वीडियो जोकि वायरल हो रहा है, उसे संज्ञान में लेते हुये जांच की गई है। यह करीब डेढ़ से दो महिने पुराना, रात के समय का वीडियो है। इसके साथ ही जो कुछ उस वीडियो में नजर आ रहा है वह पूरी तरह सही नहीं है। प्रबंधक ने बताया कि मरीज की मां हल्की बाई अपने बेटे को लेकर अस्पताल आईं थी। बेटे को दस्त की शिकायत थी। मरीज को वहां पर रखे स्टूल पर बैठा दिया गया, और वहां थोड़ी गंदगी फैल गई।

प्रबंधक ने कहा कि जब स्टाफ और सफाई कर्मचारियों से इस संबंध में पूछताछ की गई तो बताया गया कि मौके पर हल्की गंदगी हो जाने के कारण मरीज के परिजन ने अपने मर्जी से वहां पर सफाई की थी। बल्कि किसी भी स्टाफ द्वारा ऐसे करने को नहीं कहा गया था। इसलिये हम इसे पूरी तरह सत्य नहीं मान सकते हैं। प्रबंधक ने बताया कि सफाई कर्मचारियों द्वारा नियमित रूप से अस्पताल में सफाई की जाती है। किसी भी मरीज या उनके परिजनों को सफाई करने के नहीं कहा जाता है।