Hindi News

Damoh News : एसडीएम ने सिविल अस्पताल में मारा छापा, मिलीं एक्सपायरी दवाएं व इंजेक्शन

Written by:Amit Sengar
Published:
सिविल अस्पताल में आने वाले मरीजो को मुफ्त में सरकार की तरफ से दी जाती हैं। बड़ी तादात में मिली एक्सपायरी दवाओं और इंजेक्शन के बारे में जब जानकारी ली गई तो मालूम चला कि इसी स्टॉक में से रोजाना मरीजो को दवाएं दी जा रही हैं। इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद एसडीएम ने इन दवाओ को जब्त किया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
Damoh News : एसडीएम ने सिविल अस्पताल में मारा छापा, मिलीं एक्सपायरी दवाएं व इंजेक्शन

Damoh News : मध्य प्रदेश के दमोह जिले से इस वक़्त की बड़ी खबर आ रही है यहाँ एक दो नही बल्कि हजारों मरीजों की जिंदगियों के साथ खिलवाड़ किये जाने का मामला सामने आया है और जो खुलासा हुआ है उसके बाद हड़कंप मच गया है। यहाँ के सरकारी अस्पताल में मरीजो को एक्सपायरी डेट की दवाएं और इंजेक्शन दिए जा रहे थे।

दरअसल दमोह जिले के तेन्दूखेड़ा सिविल अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए आज इलाके के एसडीएम सौरभ गंधर्व ने औचक निरीक्षण किया। एसडीएम अचानक दल बल के साथ अस्पताल पहुंचे तो स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों को तलब किया गया और फिर निरीक्षण की कार्रवाई शुरू की गई। ऊपरी तौर पर दिखने वाली चीजों को देख एसडीएम गंधर्व खुश हुए लेकिन जब उन्होंने अस्पताल के स्टोर रूम और यहां रखी दवाओं को देखा तो उनके होश उड़ गए क्योंकि उनमें अधिकांश दवाएं और खास तौर पर इंजेक्शन एक्सपायरी डेट के थे।

जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की बात

ये वो दवाएं हैं जो सिविल अस्पताल में आने वाले मरीजो को मुफ्त में सरकार की तरफ से दी जाती हैं। बड़ी तादात में मिली एक्सपायरी दवाओं और इंजेक्शन के बारे में जब जानकारी ली गई तो मालूम चला कि इसी स्टॉक में से रोजाना मरीजो को दवाएं दी जा रही हैं। इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद एसडीएम ने इन दवाओ को जब्त किया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। एसडीएम ने मामले की जांच खुद शुरू की है और दोषियों पर जांच के बाद कार्रवाई की बात कही गई है।

दमोह से दिनेश अग्रवाल की रिपोर्ट

Amit Sengar
लेखक के बारे में
मुझे अपने आप पर गर्व है कि में एक पत्रकार हूँ। क्योंकि पत्रकार होना अपने आप में कलाकार, चिंतक, लेखक या जन-हित में काम करने वाले वकील जैसा होता है। पत्रकार कोई कारोबारी, व्यापारी या राजनेता नहीं होता है वह व्यापक जनता की भलाई के सरोकारों से संचालित होता है। वहीं हेनरी ल्यूस ने कहा है कि “मैं जर्नलिस्ट बना ताकि दुनिया के दिल के अधिक करीब रहूं।” View all posts by Amit Sengar
Follow Us :GoogleNews