दमोह: दमोह जिले में डॉक्टर बुधवानी की विद्या अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान हिंडोरिया निवासी मरीज सचिन अग्रवाल की हुई मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। जिसको लेकर अग्रवाल समाज के लोगों और मृतक के परिजनों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। मामले में परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही लगाते हुये अस्पताल बंद कर डॉक्टर की गिरफ्तारी की मांग की है।

बता दें कि मरीज की मौत मामले में मृतक के परिजन और बड़ी संख्या में अग्रवाल समाज के लोग एकत्रित होकर कलेक्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने प्रदर्शन करते हुए कलेक्टर प्रताप नारायण यादव एवं पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी से न्याय की गुहार लगाई। मृतक के परिजनों के हाथों में तख्ती थी जिसमें डॉक्टर पर FIR कर जेल भेजने एवं अस्पताल सील करने जैसे नारे लिखे हुए थे।

कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन

प्रदर्शन के दौरान मृतक सचिन अग्रवाल के परिजनों ने कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुये आरोप लगाया कि 21 सितंबर को रात करीब 10 बजे गलत तरीके से मरीज को एनेस्थीसिया दिए जाने के कारण उनकी मौत हुई। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि उनके परिवार के साथ जो घटना हुई, उसकी पुनरावृत्ति किसी दूसरे परिवार के साथ न हो। इसी मांग को लेकर परिजनों ने संबंधित अस्पताल को बंद कराने की भी मांग उठाई।

कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने दिए जांच के निर्देश

इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर प्रताप नारायण यादव और एसपी आनंद कलादगी ने प्रदर्शनकारियों की विस्तान से बात सुनी और निष्पक्ष जांच के बाद कड़ी कार्रवाई किये जाने का आश्वासन दिया। कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को तत्काल फोन लगाकर जांच रिपोर्ट शीघ्र सौंपने के निर्देश दिए ताकि मामले में आगे की कार्रवाई की जा सके।

निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

कलेक्ट्रेट पहुंचे परिजनों और अग्रवाल समाज के लोगों ने कहा कि उन्हें मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय चाहिए। उन्होंने मांग की कि घटना की पूरी सच्चाई सामने लाई जाए और यदि जांच में चिकित्सकीय लापरवाही की पुष्टि होती है तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। वहीं, समाज के लोगों ने एनेस्थीसिया प्रक्रिया, संबंधित चिकित्सक की योग्यता एवं अधिकृत अनुमति, ऑपरेशन से जुड़े मेडिकल रिकॉर्ड, दवाओं और एनेस्थीसिया रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की है। साथ ही दोष पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई और पीड़ित परिवार को शासकीय सहायता उपलब्ध कराने की मांग की गई