दमोह-छतरपुर स्टेट हाईवे आज दो घंटे तक बाधित रहा। यह जाम दमोह जिले के नरसिंहगढ़ में लगाया गया था। स्थानीय लोग पुलिस की कथित लापरवाही से खासे नाराज थे। जाम के कारण हाईवे पर दोनों तरफ कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, नरसिंहगढ़ निवासी करण सिंह लोधी ने आज सुबह अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया और फिर उसे परिजनों को सौंप दिया। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शव को लेकर नरसिंहगढ़ में स्टेट हाईवे पर रख दिया और सड़क जाम कर दिया। उनका आरोप था कि पुलिस की निष्क्रियता के कारण ही करण को आत्महत्या करने पर मजबूर होना पड़ा है।
क्या है सुसाइड करने की पीछे की वजह?
मृतक करण सिंह के परिजनों का कहना है कि बीती 25 तारीख को करण सिंह की पत्नी अचानक लापता हो गई थी। वह दो छोटी बेटियों की मां है। परिजनों ने बताया कि उन्हें आशंका है कि पड़ोसी गोलू रैकवार उनकी पत्नी को भगाकर ले गया है। करण सिंह और उसके परिवार के सदस्य इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने पुलिस थाने पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने पुलिस से अपहरण का मामला दर्ज करने का अनुरोध किया था, लेकिन पुलिस ने उनकी बात नहीं सुनी। पुलिस ने केवल महिला की गुमशुदगी की रिपोर्ट ही दर्ज की।
पत्नी को भगाने के आरोपी पर कार्रवाई न होने से बढ़ा विवाद
परिजनों ने यह भी बताया कि गुमशुदगी दर्ज होने के दो दिन पहले, जिस शख्स गोलू रैकवार पर पत्नी को भगाकर ले जाने का आरोप है, वह उनके घर आया था। गोलू रैकवार ने घर में घुसकर करण सिंह और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मारपीट की थी। इतना ही नहीं, उसने उनके घर में आग लगाने की भी कोशिश की थी। इस गंभीर घटना के बाद करण सिंह पुलिस थाने गया था और उसने पूरी जानकारी दी थी। लेकिन परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उस समय भी गोलू रैकवार के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। पुलिस की इस कथित लापरवाही से करण सिंह मानसिक रूप से बेहद परेशान था। इसी परेशानी के चलते आज सुबह उसने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।
पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल
चक्का जाम कर रहे लोगों ने खुले तौर पर आरोप लगाया कि यदि पुलिस ने समय रहते सही और उचित कार्रवाई की होती, तो करण सिंह को आत्महत्या जैसा कदम उठाने की नौबत नहीं आती। उनकी मांग थी कि पुलिस दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे और लापरवाह पुलिसकर्मियों पर भी एक्शन लिया जाए।
बहरहाल, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उन्हें समझाइश दी। अधिकारियों के आश्वासन के बाद करीब दो घंटे बाद लोगों ने जाम खत्म कर दिया और सड़क यातायात सामान्य हो सका।
महिला की गुमशुदगी की रिपोर्ट पहले ही दर्ज की गई थी: पुलिस
पुलिस की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, मामले में महिला की गुमशुदगी की रिपोर्ट पहले ही दर्ज कर ली गई थी। पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी। इसी बीच आज सुबह यह दुखद घटनाक्रम सामने आया है। पुलिस ने कहा है कि वह पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी कीमत पर बक्शा नहीं जाएगा और उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने बताया कि मृतक के परिजनों के आरोप और आत्महत्या के कारणों की भी गहनता से जांच की जा रही है।





