रिश्वतखोरी पर कड़े एक्शन के बाद भी भ्रष्ट शासकीय सेवक घूस लेने से घबरा नहीं रहे उन्हें न अपनी नौकरी की फ़िक्र है और ना ही सामाजिक प्रतिष्ठा की, लोकायुक्त पुलिस सागर ने ऐसे ही दो शासकीय सेवकों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है, लोकायुक्त ने दोनों के विरुद्ध भ्रश्ताकाह्र निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज का र्जांच में ले लिया है।
लोकायुक्त पुलिस सागर के एसपी योगेश्वर शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि दमोह जिले के ग्राम तेजगढ़ निवासी महेन्द्र कोष्टी ने एक शिकायती आवेदन उनके कार्यालय में दिया था, आवेदन में ग्राम पंचायत तेजगढ़ के सचिव जुगराज सिंह पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाये थे
आवेदन में महेन्द्र कोष्टी ने बताया कि पत्नी उषा कोष्टी के नाम पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत हुआ है जिसकी जिओ टेंगिग करने के और दूसरी किश्त डालने की एवज में 10000 रुपये रिश्वत की मांग सचिव जुगराज सिंह ने की है।
शिकायत के सत्यापन में ले लिए 4 हजार रुपये
शिकायत मिलने के बाद एसपी एक निर्देश पर सत्यापन कराया गया , सत्यापन के दौरान ही पंचायत सचिव जुगराज सिंह ने 4 हजार रुपये ले लिए और 6 हजार रुपये की और डिमांड की। रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होने के बाद ट्रैप प्लान की गई, लोकायुक्त सागर की टीम दमोह पहुंची।
सचिव के साथ चौकीदार भी गिरफ्तार
टीम ने आवेदक महेन्द्र कोष्टी को ग्राम पंचायत तेजगढ़ भेजा, महेन्द्र कोष्टी ने रिश्वत की राशि 6 हजार रुपये पंचायत सचिव जुगराज सिंह को दिए और फिर उस राशि को चौकीदार गुड्डा रैकवार को देने लगा इतने में लोकायुक्त की टीम ने दोनों को दबोच लिया और रिश्वत की राशि बरामद कर ली ।






