दमोह: ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे की व्यवस्थाओं को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। दमोह से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां ट्रेन के भीतर एसी कोच के तीन अटेंडरों के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। घटना में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मारपीट का आरोप ट्रेन में काम करने वाले वेंडर्स पर लगाया जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
घायलों ने बताया कि वह एसी कोच में अटेंडर है और यात्रियों को सुविधाएं मुहैया कराते हैं। पिछले कई दिनों से इस ट्रेन में कटनी और सागर के बीच लोकल वेंडर्स के एसी कोच में आने और कथित तौर पर शराब की बोतलें रखने की शिकायत सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि वेंडर्स चादर-कंबल रखने वाली जगह में शराब की बोतलों का स्टॉक रखते हैं और फिर ट्रेन की अलग-अलग बोगियों में जाकर शराब बेचते हैं। बताया जा रहा है कि एसी कोच के अटेंडरों ने पहले भी वेंडर्स को ऐसा करने से मना किया था। आरोप है कि इसके बाद वेंडर्स ने अटेंडरों को धमकाया और पिछले कई दिनों से इसी तरह शराब बेचने का सिलसिला जारी रखा।
घायलों के अनुसार, आज फिर से जब वेंडर्स द्वारा शराब का स्टॉक रखने और बेचने का प्रयास किया गया। अटेंडरों ने जब इसका विरोध किया तो आरोपी पक्ष के लोगों ने एसी कोच में जमकर हंगामा किया और काफी देर तक विवाद के बीच अटेंडरों के साथ मारपीट की। इतना ही नहीं जब एसी कोच में मौजूद यात्रियों ने भी इसका विरोध किया तो उनके साथ भी बदसलूकी की गई। बताया जा रहा है कि सलैया रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन की गति धीमी होने पर आरोपी ट्रेन से नीचे उतरकर मौके से फरार हो गए।
जिला अस्पताल में घायलों का इलाज
हालांकि इस घटना के कुछ वीडियो भी सामने आए हैं जिन्हें पीड़ित अटेंडर्स द्वारा ही रिकॉर्ड किए गए हैं। चलती ट्रेन में घटे इस घटनाक्रम के बाद घायलों को सलैया रेलवे स्टेशन पर प्राथमिक उपचार देने के बाद उन्हें दमोह के जिला अस्पताल लाया गया है जहां तीन अटेंडर गंभीर घायल हैं उनके सिर पर गंभीर चोटें आई है। तीनों घायलों का उचित उपचार किया।
मामले की जांच में जुटी जीआरपी
वहीं पूरे मामले को सागर जीआरपी ने संज्ञान में लिया है। घायलों कि शिकायत और रिकॉर्ड किये गए वीडियो के आधार पर आरोपी वेंडर्स की पहचान की जा रही है। इस घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि सुरक्षित माने जाने वाले रेल का सफर सही मायने में पूरा सुरक्षित नहीं है और ट्रेन के भीतर भी अनैतिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं।





